बेमेतरा जिला अस्पताल
बेमेतरा जिला अस्पताल में दलिया में मिली इल्ली का आरोप, पोषण पुनर्वास केंद्र की भोजन व्यवस्था पर सवाल
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला अस्पताल से मरीजों के भोजन की गुणवत्ता को लेकर चिंताजनक मामला सामने आया है। जिला अस्पताल के मातृ-शिशु अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में मरीजों को परोसे गए दलिया में इल्ली मिलने का आरोप लगा है। घटना के बाद अस्पताल की भोजन व्यवस्था और पोषण आहार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती मरीजों को दिए गए दलिया में इल्ली मिलने का आरोप लगाया गया है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि—
दलिया में कीड़े मिलने की घटना एक-दो लोगों तक सीमित नहीं थी।
कई मरीजों के भोजन में भी ऐसी शिकायत सामने आई।
इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी गई।
शिकायत के बावजूद तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पोषण आहार की गुणवत्ता पर उठे सवाल
पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों और मरीजों को विशेष पौष्टिक भोजन दिया जाता है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पतालों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और भंडारण व्यवस्था का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
सिविल सर्जन ने क्या कहा?
जिला अस्पताल बेमेतरा के सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है।
उन्होंने बताया कि—
अब तक किसी मरीज या परिजन ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
भोजन की गुणवत्ता की प्रतिदिन निगरानी की जाती है।
इसके लिए 4–5 सदस्यों की एक समिति बनाई गई है।
समिति रोजाना भोजन की गुणवत्ता की जांच करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल इस मामले में जांच की बात कही गई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में इल्ली मिलने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए यदि कोई लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी किसकी है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अस्पतालों में गुणवत्ता नियंत्रण क्यों जरूरी?
सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों, विशेषकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
भोजन व्यवस्था में निम्न बिंदुओं का पालन आवश्यक माना जाता है—
खाद्य सामग्री की नियमित गुणवत्ता जांच।
स्वच्छ रसोई और सुरक्षित भंडारण।
भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता मानकों का पालन।
नियमित निरीक्षण और निगरानी।
शिकायत मिलने पर तत्काल जांच और सुधारात्मक कार्रवाई।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नोट: यह समाचार मरीजों और उनके परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा अस्पताल प्रशासन के आधिकारिक बयान पर आधारित है। भोजन में इल्ली मिलने के आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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