नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के पुलिसकर्मियों के लिए ‘वन नेशन, वन यूनिफॉर्म’ पॉलिसी का सुझाव दिया है। PM हरियाणा के सूरजकुंड में गुरुवार से चल रहे गृह मंत्रियों के चिंतन शिविर के समापन समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। पीएम ने और क्या-क्या सुझाव दिए
पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय जरूर दीजिए…
प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और गृह मंत्रियों से कहा- पुलिस के लिए ‘वन नेशन, वन यूनिफॉर्म’ केवल एक विचार है। मैं इसे आप पर थोपने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। बस इस पर विचार करें। हो सकता है इसमें 5 साल या 50-100 साल लगें, लेकिन हमें इसके बारे में विचार करना चाहिए।
पुलिस थानों के लिए दिया बेहतर सुझाव
थानों के ऊपर 20 मंजिल बिल्डिंग बना दें। सुरक्षा बना दें। ताकि पुलिस थाना आधुनिक हो जाए और उसी के ऊपर रहने की व्यवस्था बन जाएगी। हर शहर में 20-25 थाने ऐसे होंगे, जिन्हें सुधारा जा सकता है। ताकि कोई पुलिस वाला 20-25 किमी दूर जाकर घर न ले।
फेक न्यूज पर भी अलर्ट किया
प्रधानमंत्री ने शिविर में फेक न्यूज पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- आज सोशल मीडिया दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन इसके इस्तेमाल में सावधानी भी जरूरी है। एक छोटी सी फेक न्यूज पूरे देश में तूफान ला सकती है। लोगों को इस बारे में जागरूक करने की जरूरत है कि कुछ भी फॉरवर्ड करने से पहले सोचें। जो भी संदेश आपके पास आए, उसे फॉरवर्ड करने से पहले इसकी सच्चाई जरूर परख लें।
लॉ एंड ऑर्डर सिस्टम को स्मार्ट होना होगा
PM ने कहा कि कानून-व्यवस्था के पूरे सिस्टम का विश्वसनीय होना बहुत महत्वपूर्ण है। स्मार्ट टेक्नोलॉजी से कानून-व्यवस्था को स्मार्ट बना पाना संभव होगा। साइबर क्राइम हो या फिर ड्रोन टेक्नोलॉजी का हथियारों और ड्रग्स तस्करी रोकने में उपयोग, इनके लिए हमें नई टेक्नोलॉजी पर काम करते रहना होगा।
सूरजकुंड में आयोजित शिविर में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, प्रशासक और गृह मंत्री शामिल हुए। यह शिविर गुरुवार से शुरू हुआ, जिसका शुक्रवार को समापन हुआ।
इंटर स्टेट और इंटरनेशनल क्राइम हो रहे हैं
PM ने कहा- कानून-व्यवस्था एक राज्य तक सीमित नहीं है। इंटर स्टेट और इंटरनेशनल क्राइम हो रहे हैं। तकनीक के साथ, अपराधियों के पास अब राज्यों में अपराध करने की शक्ति है। सीमा से परे अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं। सभी राज्यों की एजेंसियों के बीच समन्वय और केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी है।
अच्छी चीजें राज्य एक-दूसरे से सीखें
सूरजकुंड में गृह मंत्रालय का यह चिंतन शिविर सहकारी संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह संविधान की भावना है और नागरिकों के प्रति हमारा कर्तव्य है। हर राज्य एक दूसरे से सीखें और मिलजुल कर कार्य करें।

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