नयी दिल्ली. ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ विकास के क्षेत्र का अध्ययन करने वाली स्वायत्त संस्था टेरी, स्वच्छ परिवहन क्षेत्र की इंटरनेशनल काउंसिल फॉर क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (आईसीसीटी) और अर्बन वर्क्स इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों से ही देश के दिल्ली जैसे शहरों में वायु प्रदूषण के संकट का टिकाऊ समाधान हो सकता है।
द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) के सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी के मुताबिक, 2019 में दिल्ली में कुल वायु प्रदूषण में 23 प्रतिशत हिस्सेदारी परिवहन क्षेत्र की रही थी। हर साल उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में, विशेषरूप से दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में त्योहारी सीजन का स्वागत वायु की खराब होती गुणवत्ता के साथ होता है। गत बुधवार को राजधानी में वायु प्रदूषण (पीएमआई) 317 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था।

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