सूरजपुर. छत्तीसगढ़ राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पूर्व कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और अवैध कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगाने वाली भाजपा की सरकार बनती है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासनिक अफसरों को अवैध कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश दिए थे बावजूद इसके अभी भी इलाके में कोयला कबाड़ जैसे अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है सूरजपुर जिले के एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में जितने भी खदान संचालित हो रहे हैं इन क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में कोयले की तस्करी हो रही है जिसका वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है जो जिला प्रशासन व जिले के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की नाकामी को संलिप्तता को साबित कर रहा है कि राष्ट्र की धरोहर देश की संपत्ति को कैसे चोरी कर केवल इसलिए बेच दिया जा रहा है क्योंकि अपनी जेबें भरनी है और राष्ट्र की धरोहर से कोई लेना-देना नहीं है किसी को सूरजपुर जिले एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की रेहर, गायत्री, केतकी,आमगांव व सरहदी क्षेत्र अमेरा खदान परियोजना में कोयला चोरी का दृश्य सामने आया है केजीएफ फिल्म की कहानी की तर्ज पर हो रही है कोयले की चोरी और इसमें भी खनिज संपदाओं का उत्खनन कर बेचा जा रहा है इन खदान क्षेत्रों में लचर सुरक्षा व्यवस्था होने से व सुरक्षा कर्मियों के साठ – गांठ से बड़े पैमाने पर चोरी की जा रही है सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति में कोयला चोरी का वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है भंडारीत कोयला स्टॉक से बड़ी पैमाने पर कोयला चोरी हो रही है प्रबंधन की अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में शाम ढलते ही काफी संख्या में आसपास की ग्रामीण महिला पुरुष, किशोर बालक प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसकर बोरियों में चोरी कर रहे हैं तो वहीं सरहदी क्षेत्र में खुद की खदान जंगलों में संचालित हो रहे हैं व अमेरा खदान क्षेत्र के गुमगरा नागमडा में भी कोयले की अवैध उत्खनन जेसीबी एवं मजदूरों के माध्यम से किया जा रहा है
विपक्ष भी मामले में है मौन क्या है वजह क्यों विपक्ष नहीं करता विरोध ?? —
जिले में कोयला चोरी को लेकर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भी लगातार मौन है जिले में कोयले की धड़ल्ले से चोरी हो रही है और राष्ट्र की संपदा चोरों के हाथों में बेची जा रही है और देशभक्ति की बात करने वाली कांग्रेस के ही नेता मामले में मोन है और लगातार मौन है जबकि यह कोयला सहित कबाड़ चोरी की कारोबार विस्तार हाल ही में ज्यादा हुआ है और उनके पास एक बड़ा मुद्दा है
इन दिनों पोतका पंचायत में भी हो रही है कोयला की तस्करी–
जानकारों ने बताया कि एसईसीएल गायत्री खदान से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पोतका गांव सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के अंतर्गत आता है यह गांव उदयपुर थाना क्षेत्र के अधीन है सूरजपुर एसपी द्वारा कोयला तस्करी में शक्ति बरतने के बाद गायत्री खदान में चोरी हुए कोयला की खरीदी के लिए पोतका गांव को अपना अड्डा बना लिया है जहां कथित पुलिसिया एवं राजनीतिक संरक्षण में पोतका गांव में सड़क किनारे खेत में खुलेआम भजन कांटा लगाकर चोरी का कोयला खरीदा जा रहा है जहां से रात में ट्रैकों के जरिए कोयला तस्करी के कार्य को बेरोक – टोक अंजाम दिया जा रहा है
खदान क्षेत्रों के आसपास संचालित ईट व चिमनी भट्ठों में भी खदानों से हुए चोरी की कोयला को खाया जा रहा है–
गायत्री खदान के आसपास संचालित वेद और अवैध खदान से चोरी किया गया कोयला को खपाया जा रहा है खनिज विभाग भी अभी इन भट्ठा संचालकों पर मेहरबान नजर आ रहा है कार्रवाई के नाम पर लीपापोती के कारण जिले भर में दर्जनों की संख्या में अवैध भट्ठे संचालित है जहां चोरी का कोयला खप रहा है इससे राज्य शासन को भी राजस्व की भारी क्षति हो रही है इतना ही नहीं नामचीन भट्टों पर मिनी ट्रक और पिकअप वाहनों से कोयला तस्करी किए जाने की शिकायत के भी लगातार प्रकाश में आ रही है शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की छवि की धुमिल हो रही है

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