अवैध खनन कर नियम कानून ताक में रख कर ठेकेदार कर रहा मनमानी!
अवैध खनन पर, खनन अधिकारी, इंजिनियर, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, पंचायत व संबंधित अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं!
सरायपाली -महासमुंद//दि बीबीसी लाइव :
लगभग 19 करोड़ की लागत से लोकनिर्माण विभाग से बन रहे सरायपाली से जम्हारी सजापाली तक सड़क निर्माण कार्य में अभी शुरुवाती दौर में ही घोर लापरवाही एवम अनीमियतता देखने को मिल रही है।
इस सड़क निर्माण में ठेकेदार एवं विभाग की उदाशिंता के चलते ठेकेदार की मनमानी से लाखों करोड़ों का खनन कर मिट्टी मुरूम शासकीय जमीन फॉरेस्ट की जमीनों व तालाब से मुरूम मिट्टी का दोहन किया जा रहा है।
और संबंधित विभागों को इनकी कोई जानकारी नहीं।
इस सड़क पर से भ्रष्टाचार की परत चढ़ती नजर आ रही है।
आपको बता दें कि सरायपाली से जम्हारी सड़क निर्माण का कार्य का ठेका अशोक कुमार केजरीवाल को को मिला है।
लगभग 19 करोड़ की लागत से 14किमी के इस सड़क मार्ग में अभी से जमकर लापरवाही बरती जा रही है।
इंजीनियर एंव ठेकेदारों की मिलीभगत एवं पैसा बचाने के इरादे एवम ज्यादा मुनाफा के लिए अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी एसडीओ का कहना है की सड़क बनाने में सिलेक्टर सॉइल (selected soil) का उपयोग किया जाता है और आस पास की मिट्टी डाली जाती है।
लेकिन आपको बता दें कि यहां पर इस रोड में खेत की काली कन्हार मिट्टी के उपयोग से दलदल कीचड़ हो गई है जिससे राजगीर बाइक से गिर कर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। अधिकारी कहते हैं की मिट्टी डाली जा रही है पूछने पर कौन सी मिट्टी डालनी है नहीं बता पा रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि आशंका है की सड़क मानक के अनुरूप नहीं बन पा रही है और भविष्य में इस सड़क की अवधि भी ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पायेगी ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है!
इसमें लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों एंव ठेकेदार की मिलीभगत से भ्रष्टाचार को भी अंजाम देने में कोई कसर छोड़ते नजर नहीं आ रहें हैं।
लापरवाही के बाद भी विभाग के आला अधिकारी मुकबधिर बना बैठा है!
ज़ब संवाददाता के द्वारा सड़क निर्माण कार्य को फील्ड में जाकर देखने पर यह लापरवाही नजर आई और इस सम्बंध में जब लोकनिर्माण विभाग के सम्बंधित अधिकारियों से चर्चा किया गया तो उनके द्वारा कोई भी संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया।
जिससे कहीं न कहीं अधिकारियों एंव ठेकेदारों की मिलीभगत होने की आशंका है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार –
विग्नेश कुमार ( अनुविभागीय अधिकारी, पीडब्ल्यूडी)
का कहना है मिट्टी ही डालना है इसमे, आस पास से लाकर डाल सकते हैं।
अरविंद देवांगन ( सब इंजीनियर पीडब्ल्यूडी) का कहना है कि
इस्तमेट (estimate) के लिए आवेदन लगाना पड़ेगा। मुरूम ही डाला जा रहा है पानी गिरने के कारण रोड मैं तकलीफ आने जाने वालों को हों सकती है।
फॉरेस्ट विभाग एसडीओ का कहना है की जहां से मुरूम खनन हो रहा है वह फॉरेस्ट की भूमि नही है।
ग्राम पंचायत बानीगिरोला सचिव सेवक लाल चौधरी का कहना है कि शासकीय तालाब है जिससे बिना पूछे मुरूम उत्खनन किया जा रहा है और बाकी फॉरेस्ट की जगह है जहां 40, 50 ट्रैक्टर लगाकर दिन- रात मुरूम उत्खनन हुआ जा रहा है।

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