रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज दूसरे दिन भी ED की कार्रवाई जारी है। सुबह ED ने शराब कारोबार से जुड़े लोगों के घर दबिश दी है।
छत्तीसगढ़ में आज दूसरे दिन भी ED की कार्रवाई जारी है। रायपुर महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के घर में दबिश दी गई है। इधर एजाज ढेबर के समर्थक उनके घर के सामने पहुंचकर ED के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश के अन्य शहरों में भी ED ने दबिश दी है।
दो होटल संचालक, कांग्रेस नेता और अधिकारियों के यहां कार्रवाई चल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग के ठिकानों पर ED की टीम पहुंची है। रायपुर में शराब कारोबारी बलदेव सिंह भाटिया, भिलाई के होटल संचालक विनोद सिंह के यहां कार्रवाई जारी है। शराब के कारोबार से जुड़े कई अन्य बड़े लोगों के ठिकानों पर भी दबिश देकर दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
मंगलवार को भी दी गई थी दबिश
मंगलवार को ईडी ने एक बड़े उद्योगपति, अफसर, जमीन कारोबारी सुरेश बांदे, सीए प्रतीक जैन और कांग्रेस से जुड़े नेताओं के ठिकानों पर पहुंची थी। रायपुर, भिलाई,बिलासपुर और रायगढ़ में इनसे संबंधित निवास और व्यवसायिक परिसर में CRPF की टीम जांच अधिकारियों को सुरक्षा देते हुए दिखाई दी थी। हालांकि ईडी ने दोनों ही दिनों की कार्रवाई को लेकर अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है।
सीएम ने कहा था -बीजेपी नेताओं के इशारे पर पड़ रहे ED के छापे
ED की रेड को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि, कोई ऐसा वर्ग नहीं बचा जहां छापा न डाला गया हो, अगर कही छापे की कार्रवाई नहीं होती तो केवल मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और कर्नाटक जैसे बीजेपी शासित राज्यों में, ऐसा लगता है कि यहां ED का दफ्तर ही नहीं है। महाराष्ट्र में जब तक उद्धव सरकार थी तब तक ED और CBI जैसी सेंट्रल एजेंसियां सक्रिय थी और जैसे ही सरकार बदली खरीद-फरोख्त हुआ, उसके बाद से उनका वहां कोई काम नहीं रह गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, ED की रेड के लिए सीएम ने बीजेपी नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। कोई ऐसा वर्ग नहीं बचा जहां छापा नहीं डाला गया हो।
भूपेश बघेल ने कहा, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेता और राष्ट्रीय नेताओं के इशारे पर ये सब किया जा रहा है, लेकिन ED को निष्पक्ष होनी चाहिए। हिडनबर्ग की रिपोर्ट के आधार पर अडानी जिसकी संपत्ति में 60% की कमी आ गई। वहां जाकर ED क्यों छापे नहीं मारती है। यहां नान और चिटफंड में भी ED कार्रवाई नहीं करती। महादेव एप में कार्रवाई नहीं कर रही है। क्योंकि बीजेपी शासित राज्यों के नेताओं के नाम भी उसमें आ गए हैं

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