June 16, 2026

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शिक्षा एवं परीक्षा के बहिष्कार का शंखनाद – जिम्मेदार कौन?

शासन या प्रशासन या प्रशासनिक व्यवस्था?

ग्राम पंचायत कलेण्डा(तोरेसिंहा) स्कूल का हाल बेहाल!

सरायपाली//दि बीबीसी लाइव/नारायण सान :

छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल एक ओर प्रदेश के सभी विद्यालयों में शिक्षा एवं तकनिकी तथा अन्य कौशल विकास के सपनों को साकार करने घोषणाओं का अम्बार लगा रहे है वही उनकी प्रशासनिक व्यवस्था ने शिक्षार्थी बालक- बालिकाओं को शिक्षा के साथ ही परिक्षा का भी बहिष्कार करने को मजबूर कर दिया है!

सरायपाली विकास खण्ड अन्तर्गत मजदूर बाहुल्य ग्राम, ग्राम पंचायत – कलेण्डा (तोरेसिंहा) का है। अपने दायित्वों के प्रति -निष्ठावान, ग्राम के लिए आदर्श, शासकिय उच्च प्राथमिक शाला में सेवारत मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण सम्मान से सम्मानित शिक्षक- शिवशंकर साहू का वर्तमान स्कूल से जिला रायपुर ब्लाक आरंग अन्तर्गत ग्राम उमरिया में स्थानान्तरण कर दिया गया है! प्रशासनिक व्यवस्था के इस अभिशाप से पूरे ग्राम में मायूसी छाई हुई है।
ग्राम वासीयों ने आक्रोशित स्वर में बताया की शिक्षक शिवशंकर साहू के अहसानों एवं शिक्षार्थी बच्चों के साथ पिता तुल्य व्यवहार को कभी भूल नहीं पायेगा। ऐसे संघर्षशील शिक्षक का अचानक स्थानान्तरण किया जाना राजनैतिक द्वेष या किसी बेबुनियाद शिकायत की सम्ममायना ग्रामवासीयों के द्वारा व्यक्त की जा रही है।

ग्राम की महिलाओं ने बताया कि हमारा परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करता है। शिक्षक द्वय के द्वारा घर घर सम्पर्क कर बच्चों के मन में शिक्षा का जज्बा दिखाया। यदि कोई बालक या बालिका अस्वस्थ हो जाये तो स्वयं के वाहन से चिकीत्सक के पास लेकर पहुँच जाते है। दवाइयों का खर्च भी स्वयं वहन कर लेते है, बार बार कुछ हालचाल जानने की कोशिश करते है कि शिक्षार्थी घर आकर शिक्षा से वंचित ना हो। मानवता की ऐसी मिशाल का पूरा ग्राम सम्मान करता है।
इनके अन्यत्र स्थानान्तरण को लेकर पूरा ग्राम आकोशित है।

ग्रामवासीयों ने बताया कि जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी, स्थानिय विधायक किस्मतलाल नंद एवं अन्य जहाँ तक हमें जानकारी है स्थानान्तरण निरस्त करने आवेदन दिया है, पर चरमराती प्रशासनिक व्यवस्था मे हमारी भावनाओं को कुचलने का प्रयास किया है। जिसके परिणाम स्वरूप समस्त पालकगण, महिलायें, शिद्यार्थी बालक- बालिकाओं ने अपना निर्णय बताया कि जब तक- प्रशासन शिक्षक शिवशंकर साहू का स्थानान्तरण निरस्त कर उन्हें पुनः शासकिय उच्च प्राथमिक शाला का भार सौंपकर उनका सम्मान वापस नहीं करता है तो समस्त ग्रामवासी, पालगुगण मातायें, शिक्षार्थी, बालक बालिकायें, स्कूल शिक्षा के साथ- साथ परिक्षा का भी बहिष्कार करेगें एवं शासन प्रशासन ने हम ग्रामवासीयों के निवेदन को गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी चुनाब में सभी राजनैतिक दलो का बहिष्कार कर ग्राम पंचायत के ग्रामवासीयों के आक्रोश एवं एकता की परिभाषा का ज्ञान प्रशासनिक अधिकारीयों को करायेगें।

ग्रामीणों का कहना है के जब तक हमारे आदर्श शिक्षक शिवशंकर साहु जी का स्थानान्तरण निरस्त नही किया जाता है, तो ग्रामवासियों एवं शिक्षार्थी बालक- बालिकाओं ने अपना निर्णय दोहराते हुए बताया कि शिक्षा एवं परिक्षा का बहिष्कार किया गया है। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एक प्रशासन की रहेगी।