एक बड़ी खबर आ रही है. एक मंत्री को जान से मारने की धमकी मिली है. इसके बाद राज्य में हड़कंप मच गया है. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के कोटे से राजस्व व भूमि सुधार तथा गन्ना उद्योग मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री आलोक मेहता को जातिसूचक शब्दों के साथ भद्दी गालियां दी गईं. साथ ही जान से मारने की धमकी दी गई. कॉल काटने के बाद बार-बार कॉल किया गया. उस नंबर को ब्लॉक कर दिया तो दूसरे नंबर से कॉल आने लगा.
बिहार विधानसभा के ठीक सामने स्थित सचिवालय थाने में मंत्री आलोक मेहता की ओर से इस वाकये पर प्राथमिकी के साथ सुरक्षा व्यवस्था के लिए लिखित आवेदन दिया है. आलोक मेहता आमतौर पर विवादों में नहीं रहते हैं, लेकिन पिछले दिनों भागलपुर में यह कहकर सुर्खियों में आ गए कि 90% आबादी का शोषण 10% लोग सदियों से करते आ रहे हैं. इस बयान में उन्होंने ‘ब्राह्मणवादी’ सोच का जिक्र किया था.
मंत्री आलोक मेहता की ओर से सचिवालय थाने को दिए आवेदन के अनुसार, 23 जनवरी को अपराह्न 3:14 बजे उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर 9140245089 से कॉल करने वाले ने उन्हें जातिसूचक शब्दों के साथ भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी. मंत्री के मोबाइल के एप ने कॉलर का नाम दीपक पांडेय बताया. इस कॉल को जब मंत्री ने डिस्कनेक्ट कर दिया तो बार-बार उसी नंबर से कॉल आने लगा. जब उस नंबर को ब्लॉक कर दिया तो दूसरे नंबर 9648076657 से उसी आदमी ने कॉल करना शुरू किया.
एप में इस बार नाम पप्पू त्रिपाठी बता रहा था. मंत्री आलोक मेहता ने जान की जातिसूचक शब्दों के साथ गाली देने और जान से मारने की धमकी देने पर इन दोनों नंबर वाले पर कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को आवेदन दिया है. आवेदन में धमकी को देखते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक सतर्कता एवं इंतजाम की भी गुजारिश की गई है.

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