उत्तराखंड : उत्तराखंड के जोशीमठ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई इमारतों को ढहाने का काम शुरू हो गया है. सरकार द्वारा असुरक्षित जोन घोषित किए हैं और वहां से लोगों को निकालने का सिलसिला जारी है. सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की की टीम यहां आ रही है. उनके दिशानिर्देश पर असुरक्षित घरों को ध्वस्त किया जाएगा.
600 से ज्यादा इमारतों में पड़ी दरारें
जोशीमठ में नौ वार्ड के 678 मकान ऐसे हैं जिनमें दरारें हैं. सुरक्षा की नजर से दो होटल को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत बंद किए गए हैं.
होटल मलारी इन को चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा…
SDRF कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने कहा कि होटल मलारी इन को गिराया जाएगा. इसे चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये होटल टेड़े हो गए हैं और इसे तोड़ना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसके नीचे भी कई घर और होटल हैं और अगर ये ज्यादा धंसेगा तो कभी भी गिर सकता है. उन्होंने कहा कि CBRI के एक्सपर्ट आ रहे हैं, वो ज्यादा तकनीकी जानकारी देंगे.
जोशीमठ संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से किया इनकार…
उत्तराखंड में जोशीमठ के घरों में दरार पड़ने को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मामले में सुनवाई 16 जनवरी को होगी. कोर्ट का कहना है कि जो कुछ भी महत्वपूर्ण है उसे कोर्ट में आने की जरूरत नहीं है. इस पर लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित संस्थाएं काम कर रही हैं.

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