September 4, 2026

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दुर्ग में अवैध हथियारों पर पुलिस का शिकंजा, 32 बंगला चौक के पास 3 बदमाश पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार

दुर्ग। जिले में अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भिलाईनगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 32 बंगला चौक के पास रेलवे लाइन के कच्चे रास्ते से तीन युवकों को पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल तीन पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए हैं।

जब्त हथियारों और कारतूसों की कुल कीमत करीब 2 लाख 1 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

32 बंगला चौक के पास पुलिस ने की घेराबंदी

पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को भिलाईनगर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 32 बंगला चौक के पास रेलवे लाइन वाले कच्चे रास्ते में तीन संदिग्ध युवक अवैध पिस्टल और कारतूस लेकर मौजूद हैं।

सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की पहचान सूरज ताण्डी, उम्र 29 वर्ष, निवासी 32 बंगला उड़िया बस्ती भिलाईनगर, दीपक दास उर्फ सिब्बु, उम्र 26 वर्ष, निवासी रायपुर नाका उड़िया बस्ती थाना पद्मनाभपुर और महेश ताण्डी, उम्र 23 वर्ष, निवासी रायपुर नाका उड़िया बस्ती थाना पद्मनाभपुर, जिला दुर्ग के रूप में हुई।

तलाशी में बरामद हुईं पिस्टल और कारतूस

पुलिस ने आरोपियों की विधिवत तलाशी ली। इस दौरान सूरज ताण्डी के कब्जे से एक पिस्टल बरामद की गई। वहीं, दीपक दास और महेश ताण्डी के पास से एक-एक पिस्टल कारतूस मिला।

पुलिस ने आरोपियों से हथियार रखने के संबंध में वैध लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने अवैध हथियार रखने के मामले में तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।

पुलिस के मुताबिक, बरामद पिस्टलों की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपए और दो कारतूसों की कीमत करीब 1 हजार रुपए है।

आयुध अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला

भिलाईनगर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के पास अवैध हथियार कहां से पहुंचे। साथ ही, हथियारों की खरीद-फरोख्त में किसी अन्य व्यक्ति या बड़े नेटवर्क की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा उनके संपर्कों और हथियारों के स्रोत की जांच भी की जा रही है, ताकि अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

दुर्ग पुलिस ने कहा कि जिले में अवैध हथियार रखने और आपराधिक गतिविधियों में हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने या हथियारों से जुड़ी किसी आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।