August 22, 2026

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रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई, मिठाई दुकानों में खाद्य विभाग की छापेमारी; सैंपल जांच के लिए भेजे

मुंगेली जिले में रक्षाबंधन पर्व से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। त्योहार के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है। विभाग का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

इसके तहत जिलेभर में मिठाई दुकानों, होटलों, डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ दुकानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की भी पड़ताल की जा रही है।

23 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान

रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए जिले में ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 23 अगस्त तक जारी रहेगा।

अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें अलग-अलग प्रतिष्ठानों में पहुंचकर खाद्य सामग्री के नमूने ले रही हैं। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा जा रहा है।

मुंगेली में हुई कार्रवाई के दौरान अलग-अलग दुकानों और होटलों से बर्फी, जलेबी, कलाकंद और पेड़ा के सैंपल लिए गए हैं।

इन खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूने

  • आईसकेड़ी बरेला, मुंगेली से बर्फी का नमूना।
  • होटल दाउपारा चौक, मुंगेली से जलेबी और कलाकंद के नमूने।
  • संत होटल, पड़ाव चौक, मुंगेली से पेड़ा का नमूना।
  • सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए रायपुर स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।

दुकानदारों को दिए गए सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

दुकानदारों को पीने के पानी को ढककर रखने की हिदायत भी दी गई। इसके अलावा खाद्य सामग्री तैयार करने और तलने में इस्तेमाल होने वाले तेल को बार-बार उपयोग करने से बचने को कहा गया है।

अधिकारियों ने अखबारी कागज में खाद्य सामग्री पैक नहीं करने की भी समझाइश दी है। खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंगों का इस्तेमाल पूरी तरह नहीं करने और मिठाइयों में अत्यधिक कृत्रिम रंगों के प्रयोग से बचने के निर्देश दिए गए।

शाकाहारी और अन्य खाद्य सामग्री के लिए अलग बर्तन

खाद्य विभाग ने प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सामग्री के प्रकार के अनुसार अलग-अलग पात्र और बर्तन इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह के अवांछित मिश्रण या संदूषण की संभावना को कम करना है।

इसके साथ ही दुकानों और होटलों के परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य कारोबारियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान

  • खाद्य सामग्री तैयार करते समय स्वच्छता का ध्यान रखें।
  • पीने के पानी को हमेशा ढककर रखें।
  • इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल का बार-बार उपयोग न करें।
  • खाद्य सामग्री को अखबारी कागज में पैक न करें।
  • अखाद्य रंगों का इस्तेमाल न करें।
  • मिठाइयों में जरूरत से ज्यादा कृत्रिम रंगों का प्रयोग न करें।
  • अलग-अलग प्रकार की खाद्य सामग्री के लिए उचित और अलग पात्रों का उपयोग करें।
  • दुकान और खाद्य निर्माण स्थल की नियमित सफाई करें।

त्योहार में खरीदारी करते समय ग्राहक भी रहें सावधान

रक्षाबंधन के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है।

विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, स्वच्छता और वैधता की जांच जरूर करें। पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल पर दी गई जरूरी जानकारी और वैधता अवधि देखना भी महत्वपूर्ण है।

यदि किसी दुकान या खाद्य प्रतिष्ठान में मिलावट, गंदगी या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन दिखाई देता है तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दी जा सकती है।

मिलावट पर निगरानी जारी

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंगेली में खाद्य विभाग की निगरानी तेज की गई है।

फिलहाल लिए गए खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

रक्षाबंधन से पहले शुरू किया गया यह अभियान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और मिलावटखोरी पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।