August 17, 2026

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर रायपुर में दिखा छत्तीसगढ़ का गौरवशाली इतिहास, CM साय बोले- ‘वीर नायकों की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व’

रायपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राज्य की विकास यात्रा को एक साथ देखने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।

यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका से लेकर ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं और आधुनिक छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को तस्वीरों और दस्तावेजों के जरिए प्रस्तुत किया गया है।

CM साय बोले- नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ना जरूरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान दिया है। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज और सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां केवल इतिहास को याद करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि युवाओं में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करती हैं।

प्रदर्शनी में क्या-क्या खास है?
छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों की गाथाएं
दुर्लभ ऐतिहासिक छायाचित्र और दस्तावेज
महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास से जुड़े प्रसंग
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा
राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
सुशासन और विकास की उपलब्धियां
आधुनिक अधोसंरचना और निवेश की झलक
एआई आधारित पर्यटन और विरासत अनुभव
विशेष डॉक्यूमेंट्री और विजिटर डायरी
‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की यात्रा बनी आकर्षण

प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित विशेष खंड है। इसमें इसके सृजन से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रतीक के रूप में इसकी भूमिका को तस्वीरों और ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से दिखाया गया है।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने लोगों में राष्ट्रभावना और मातृभूमि के लिए त्याग की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनी में इसकी 150 वर्षों की यात्रा को खास तौर पर प्रस्तुत किया गया है।

छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की दिखेगी गौरवगाथा

प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंगों को स्थान दिया गया है। दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में प्रदेश की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही।

महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास और यहां हुए सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से संबंधित सामग्री भी प्रदर्शनी का हिस्सा है।

टाउन हॉल और शहीद स्मारक को मिलेंगे 50-50 लाख रुपये

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने रायपुर की दो ऐतिहासिक धरोहरों के लिए बड़ी घोषणा भी की।

उन्होंने ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि टाउन हॉल रायपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है, ताकि आधुनिक विकास के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत भी सुरक्षित रहे।

महिलाओं, किसानों और युवाओं की योजनाओं की भी झलक

प्रदर्शनी में राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।

महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को मिल रहे सहयोग और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों के पक्के मकानों की तस्वीरें प्रदर्शनी में दिखाई गई हैं।

इसके अलावा युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों तथा श्रमिकों और अन्य वर्गों के लिए संचालित योजनाओं को भी प्रदर्शित किया गया है।

आधुनिक छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा भी प्रदर्शित

प्रदर्शनी में राज्य की वर्तमान विकास यात्रा को भी तस्वीरों के माध्यम से दिखाया गया है। डिजिटल पंजीयन, सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा, सड़क और रेल कनेक्टिविटी, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश जैसे विषयों को इसमें शामिल किया गया है।

इस तरह प्रदर्शनी में अतीत के संघर्ष से वर्तमान के विकास और भविष्य के विकसित छत्तीसगढ़ तक की तस्वीर एक ही जगह देखने को मिल रही है।

AI से डिजिटल तस्वीर बना सकेंगे लोग

प्रदर्शनी में तकनीक का भी खास इस्तेमाल किया गया है। एआई आधारित पहल के जरिए आगंतुक छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं।

बच्चों और युवाओं में यह पहल विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके जरिए आधुनिक तकनीक को प्रदेश की सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

डॉक्यूमेंट्री और विजिटर डायरी भी खास

प्रदर्शनी स्थल पर विजिटर डायरी भी रखी गई है, जिसमें लोग स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को लेकर अपने विचार लिख सकते हैं।

इसके अलावा राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज किए और प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने प्रदेश के युवाओं और विद्यार्थियों से विशेष रूप से प्रदर्शनी देखने की अपील की।

21 अगस्त तक सुबह 10:30 से रात 8 बजे तक खुली रहेगी प्रदर्शनी

कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानने से वर्तमान के प्रति जिम्मेदारी का बोध होता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा मिलती है। ऐसे में यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत को नई पीढ़ी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।