GeM
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने सरकारी खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और छोटे उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के ‘सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान GeM के 10वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान नई दिल्ली में प्रदान किया गया।
समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ को यह सम्मान मिला। GeM के एक दशक पूरे होने पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रखी गई थी।
राज्य सरकार के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स–स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी में छत्तीसगढ़ को GeM के प्रभावी उपयोग और सरकारी खरीद के मूल्य तथा मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए सम्मानित किया गया।
एक साल में सरकारी खरीद में 113% की बढ़ोतरी
छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से सरकारी खरीद वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,935 करोड़ रुपये पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत अधिक है।
राज्य सरकार ने विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीद को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने पर जोर दिया है। इससे अधिक सरकारी खरीद खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी।
GeM से छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख फायदे
- सरकारी खरीद बढ़कर ₹3,935 करोड़ हुई।
- एक वर्ष में खरीद में 113% की वृद्धि दर्ज की गई।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹130 करोड़ की बचत हुई।
- तीन वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीद से कुल ₹235 करोड़ की बचत।
- MSEs से खरीद बढ़कर ₹1,800 करोड़ हुई।
- महिला उद्यमियों से खरीद में 97% वृद्धि।
- SC-ST उद्यमियों से खरीद में 108% वृद्धि।
- स्टार्टअप से खरीद में सबसे ज्यादा 178% की वृद्धि।
खुली प्रतिस्पर्धा से सरकार को ₹130 करोड़ की बचत
GeM पर खुली और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया का सीधा फायदा राज्य सरकार को मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रतिस्पर्धी खरीद के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन ने 130 करोड़ रुपये की बचत की।
यह बचत विभागों द्वारा खरीद के लिए निर्धारित अनुमानित लागत और प्रतिस्पर्धी बोली के बाद सामने आए वास्तविक बाजार मूल्य के बीच के अंतर से हुई।
GeM पर मानकीकृत विनिर्देश, खुली बोली और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड होने से खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और ऑडिट योग्य बनाने में मदद मिली है।
पिछले तीन वित्तीय वर्षों में इसी प्रतिस्पर्धी खरीद प्रक्रिया से राज्य सरकार को कुल 235 करोड़ रुपये की बचत होने की जानकारी दी गई है।
छोटे कारोबारियों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर
GeM के बढ़ते इस्तेमाल का एक बड़ा फायदा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों यानी MSEs को भी मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में MSEs से सरकारी खरीद 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई।
यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है। इससे प्रदेश के छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर मिला है।
अलग-अलग उद्यमी वर्गों की भागीदारी बढ़ी
GeM के जरिए केवल सामान्य कारोबारी ही नहीं, बल्कि प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्ग भी सरकारी खरीद व्यवस्था से तेजी से जुड़ रहे हैं।
- महिला उद्यमियों से खरीद: 97% वृद्धि
- SC-ST उद्यमियों से खरीद: 108% वृद्धि
- स्टार्टअप से खरीद: 178% वृद्धि
स्टार्टअप से खरीद में दर्ज 178 प्रतिशत की वृद्धि इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ा उछाल बताया गया है।
पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था पर जोर
GeM की डिजिटल व्यवस्था में खरीद प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के लिए जांच और निगरानी की व्यवस्था लागू है। निविदा की शर्तों और तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा भी की जाती है।
इसका उद्देश्य सरकारी विभागों को उनकी जरूरत के मुताबिक गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं और सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ बाजार में प्रतिस्पर्धी दर सुनिश्चित करना है।
डिजिटल रिकॉर्ड होने से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ती है और लेन-देन की निगरानी तथा ऑडिट करना भी आसान होता है।
मुख्यमंत्री साय ने उपलब्धि को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले इस सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि GeM ने प्रदेश के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे सरकारी मांग और बाजार से जुड़ने का अवसर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की बढ़ती भागीदारी इस व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि डिजिटल और पारदर्शी खरीद व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों तक पहुंचे। साथ ही महिला उद्यमियों, SC-ST वर्ग और स्टार्टअप को सरकारी बाजार में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
छत्तीसगढ़ को मिला यह सम्मान और सरकारी खरीद में 113 प्रतिशत की वृद्धि राज्य में डिजिटल एवं प्रतिस्पर्धी खरीद व्यवस्था के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। वहीं छोटे उद्यमों से बढ़ती खरीद स्थानीय कारोबार और उद्यमिता को सरकारी बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

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