August 11, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

YouTube Monetization पर बड़ा बदलाव! 4,000 नहीं अब 8,000 घंटे चाहिए होंगे, Shorts क्रिएटर्स की भी बढ़ेगी टेंशन

YouTube Monetization

नई दिल्ली। YouTube पर वीडियो बनाकर कमाई करने का सपना देख रहे नए क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, YouTube Partner Program (YPP) के जरिए विज्ञापन से कमाई शुरू करने के लिए नए क्रिएटर्स को पहले के मुकाबले दोगुना वॉच टाइम पूरा करना पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि 1 फरवरी 2027 से नए क्रिएटर्स के लिए 4,000 वैलिड पब्लिक वॉच ऑवर्स की मौजूदा सीमा बढ़ाकर 8,000 घंटे की जा सकती है। वहीं Shorts के जरिए YPP के विज्ञापन रेवेन्यू शेयरिंग तक पहुंचने वाले नए क्रिएटर्स के लिए भी व्यूज की सीमा बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है।

हालांकि, इस बदलाव को लागू करने से पहले क्रिएटर्स के लिए आधिकारिक YouTube अपडेट और पात्रता पेज की जानकारी देखना जरूरी होगा।

4,000 से 8,000 घंटे हो सकती है वॉच टाइम की शर्त

अभी YouTube पर विज्ञापन से कमाई शुरू करने के सामान्य YPP रास्ते में क्रिएटर को 1,000 सब्सक्राइबर के साथ पिछले 12 महीनों में 4,000 वैलिड पब्लिक वॉच ऑवर्स पूरे करने होते हैं।

प्रस्तावित नए नियम में यही सीमा बढ़कर 8,000 घंटे होने की बात कही जा रही है। इसका सीधा मतलब है कि नए चैनलों को मॉनेटाइजेशन के लिए पहले की तुलना में ज्यादा समय तक लगातार ऑडियंस बनानी पड़ सकती है।

नए बदलाव में क्या बताया जा रहा है?

  • वॉच टाइम की सीमा 4,000 से बढ़कर 8,000 घंटे।
  • 1,000 सब्सक्राइबर की शर्त बरकरार रहने की बात।
  • Shorts के लिए अलग व्यू-आधारित पात्रता।
  • नए क्रिएटर्स पर नियम लागू होने की बात।
  • मौजूदा YPP सदस्यों को तत्काल प्रभावित नहीं करने का दावा।

Shorts क्रिएटर्स के लिए भी बढ़ सकती है चुनौती

YouTube Shorts के जरिए तेजी से ऑडियंस बनाने वाले क्रिएटर्स के लिए भी कथित तौर पर पात्रता सीमा बढ़ाई जा सकती है।

मौजूदा व्यवस्था में Shorts के जरिए विज्ञापन रेवेन्यू शेयरिंग के लिए 1,000 सब्सक्राइबर के साथ 90 दिनों में 1 करोड़ वैलिड पब्लिक Shorts views की आवश्यकता बताई जाती है। प्रस्तावित बदलाव में यह आंकड़ा 2 करोड़ Shorts views तक बढ़ाने की बात कही जा रही है।

इसका असर उन नए क्रिएटर्स पर ज्यादा पड़ सकता है जो लंबे वीडियो की बजाय केवल Shorts बनाकर चैनल को मॉनेटाइज करने की कोशिश करते हैं।

कब से लागू होने की बात?

रिपोर्ट्स में प्रस्तावित बदलाव की तारीख 1 फरवरी 2027 बताई जा रही है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि मौजूदा YPP सदस्यों को तुरंत कार्यक्रम से बाहर नहीं किया जाएगा।

हालांकि, किसी भी क्रिएटर को अपने चैनल की मॉनेटाइजेशन स्थिति को लेकर अंतिम निर्णय लेने से पहले YouTube Studio और YouTube के आधिकारिक YPP नियमों को जरूर देखना चाहिए।

छोटे क्रिएटर्स पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

अगर 8,000 घंटे की शर्त लागू होती है, तो नए और छोटे चैनलों के लिए मॉनेटाइजेशन हासिल करना पहले से मुश्किल हो सकता है।

4,000 घंटे पूरा करने के लिए जहां क्रिएटर्स को नियमित वीडियो, अच्छी क्लिक-थ्रू रेट और दर्शकों को लंबे समय तक वीडियो पर बनाए रखने की जरूरत होती है, वहीं 8,000 घंटे का लक्ष्य हासिल करने के लिए ज्यादा मजबूत कंटेंट रणनीति की आवश्यकता होगी।

अब क्रिएटर्स को किन चीजों पर ध्यान देना होगा?

  • नियमित रूप से वीडियो अपलोड करना।
  • दर्शकों को वीडियो के शुरुआती हिस्से में जोड़े रखना।
  • वीडियो की रिटेंशन बढ़ाना।
  • थंबनेल और टाइटल को बेहतर बनाना।
  • ऑडियंस कमेंट और एंगेजमेंट बढ़ाना।
  • एक ही विषय पर लगातार उपयोगी कंटेंट तैयार करना।
  • Shorts और लंबे वीडियो के बीच सही रणनीति बनाना।

हर तरह का वॉच टाइम नहीं होगा मान्य

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि YPP की वॉच ऑवर शर्त में हर तरह का YouTube वॉच टाइम शामिल नहीं होता। पात्रता के लिए YouTube द्वारा मान्य वैलिड पब्लिक वॉच ऑवर्स ही मायने रखते हैं।

खास तौर पर Shorts Feed से मिलने वाला वॉच टाइम सामान्य लंबे वीडियो वाले वॉच-ऑवर लक्ष्य में शामिल नहीं किया जाता। Shorts के लिए अलग व्यू-आधारित पात्रता मार्ग होता है।

इसलिए केवल वीडियो के कुल व्यूज देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि चैनल ने मॉनेटाइजेशन की वॉच टाइम शर्त पूरी कर ली है।

वायरल वीडियो से नहीं, लगातार ऑडियंस से बनेगा चैनल?

अगर यह बदलाव लागू होता है, तो इसका सबसे बड़ा असर उन चैनलों पर पड़ सकता है जो किसी एक वायरल वीडियो के भरोसे जल्दी मॉनेटाइजेशन हासिल करना चाहते हैं।

YouTube का क्रिएटर इकोसिस्टम लगातार बड़ा हो रहा है। ऐसे में प्लेटफॉर्म के लिए लगातार सक्रिय रहने वाले और दर्शकों को नियमित रूप से जोड़ने वाले चैनलों को महत्व देना स्वाभाविक है।

नए नियमों की स्थिति में क्रिएटर्स को सिर्फ वीडियो वायरल कराने के बजाय लंबे समय तक ऑडियंस बनाने, बेहतर कंटेंट देने और नियमित अपलोडिंग पर ज्यादा ध्यान देना होगा।

निष्कर्ष

YouTube पर कमाई शुरू करने की तैयारी कर रहे नए क्रिएटर्स के लिए कथित 8,000 घंटे का लक्ष्य बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अगर यह नियम आधिकारिक रूप से लागू होता है, तो नए चैनलों को YPP विज्ञापन रेवेन्यू तक पहुंचने के लिए पहले से ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

हालांकि, 4,000 से 8,000 घंटे और 1 करोड़ से 2 करोड़ Shorts views वाले बदलाव की अंतिम पुष्टि के लिए YouTube की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है। क्रिएटर्स को सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी के बजाय YouTube Studio और आधिकारिक YPP अपडेट को प्राथमिक स्रोत मानना चाहिए।