August 7, 2026

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कांकेर में खौफनाक हादसा: भालू ने भाई-बहन को मार डाला, बच्चे की मौत के बाद आक्रामक हुई मादा भालू का आतंक

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वन्यजीव और मानव संघर्ष की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला इलाके में एक मादा भालू ने तीन भाई-बहनों पर हमला कर दिया। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

खेत में काम कर रहे थे तीनों भाई-बहन

जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार दोपहर की है। तीनों भाई-बहन खेत में मौजूद थे, तभी अचानक मादा भालू ने उन पर हमला कर दिया।

हमले में—

  • हलाल खोर जुर्री (38 वर्ष) की मौत हो गई।
  • चमरीन बाई (40 वर्ष) ने भी दम तोड़ दिया।
  • खोरिन बाई (30 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गईं।

घायल महिला को उपचार के लिए कांकेर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

बच्चे की मौत के बाद आक्रामक हुई मादा भालू

ग्रामीणों के अनुसार, घटना से पहले मादा भालू के एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद वह बेहद आक्रामक हो गई थी।

ग्रामीणों ने बताया कि हमले के बाद भी भालू काफी देर तक शवों के आसपास मौजूद रही और उन्हें पंजों से नुकसान पहुंचाती रही।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मादा भालू के व्यवहार को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।

मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने इलाके का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।

मौके पर मौजूद कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने बताया कि जब वन विभाग की टीम गांव पहुंची, तब भी भालू शवों के पास मौजूद थी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे उस क्षेत्र से दूर रहें और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

गांव में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद लारगांव मरकाटोला और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि मादा भालू दोबारा हमला कर सकती है।

वन विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि—

  • अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं।
  • जंगली जानवरों के करीब जाने से बचें।
  • किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखने को कहें।

मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ा चिंता का विषय

छत्तीसगढ़ के कई वन क्षेत्रों में समय-समय पर मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाएं सामने आती रहती हैं। जंगलों के आसपास बसे गांवों में रहने वाले लोगों को अक्सर जंगली जानवरों के हमलों का सामना करना पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वन क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियां बढ़ने और प्राकृतिक आवास प्रभावित होने से ऐसी घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है।

एक नजर में घटना

  • स्थान: लारगांव मरकाटोला, नरहरपुर वन परिक्षेत्र, कांकेर
  • हमलावर जानवर: मादा भालू
  • मृतक: 2 भाई-बहन
  • घायल: 1 महिला
  • संभावित कारण: भालू के बच्चे की मौत के बाद आक्रामक व्यवहार
  • कार्रवाई: वन विभाग ने निगरानी बढ़ाई, ग्रामीणों को सतर्क किया

कांकेर की यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को सामने लाती है। वन विभाग के सामने अब चुनौती है कि मादा भालू को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।