नई दिल्ली। तमिलनाडु में जल संकट और सिंचाई की चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गोदावरी-कावेरी-गुंडार रिवर लिंक परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने का भी अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इससे दक्षिण भारत के कई राज्यों में पेयजल और सिंचाई की समस्या के समाधान में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में केंद्र सरकार से इस परियोजना पर संबंधित राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने और लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया है।
पत्र में क्या कहा गया?
मुख्यमंत्री विजय ने लिखा कि तमिलनाडु लंबे समय से जल संकट का सामना कर रहा है। राज्य की बड़ी आबादी और कृषि क्षेत्र जल संसाधनों पर निर्भर हैं, जबकि उपलब्ध सतही जल सीमित है।
उन्होंने कहा कि—
- राज्य की जल आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है।
- कई क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है।
- दक्षिणी जिलों में पेयजल और सिंचाई की समस्या गंभीर बनी हुई है।
किन जिलों का किया उल्लेख?
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इन जिलों में पानी की समस्या का जिक्र किया—
- पुदुकोट्टई
- शिवगंगा
- रामनाथपुरम
- विरुधुनगर
उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक जल प्रबंधन की आवश्यकता है।
गोदावरी-कावेरी लिंक परियोजना क्यों महत्वपूर्ण?
मुख्यमंत्री के अनुसार, गोदावरी बेसिन के अतिरिक्त जल को जरूरत वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना दक्षिण भारत के लिए दीर्घकालिक समाधान साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से संभावित रूप से—
- सिंचाई सुविधाओं में सुधार होगा।
- पेयजल उपलब्धता बढ़ेगी।
- किसानों को लाभ मिलेगा।
- जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
केंद्र से क्या-क्या मांग की गई?
मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री से कई प्रमुख मांगें रखीं—
- गोदावरी-कावेरी-गुंडार लिंक परियोजना को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा दिया जाए।
- राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) और जल शक्ति मंत्रालय को संबंधित राज्यों के साथ वार्ता तेज करने के निर्देश दिए जाएं।
- लंबित तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों का शीघ्र समाधान कराया जाए।
- परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
- परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों की भागीदारी वाला स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाने पर विचार किया जाए।
क्षेत्रीय सहयोग पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि जल संसाधनों से जुड़े अंतरराज्यीय मुद्दों का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी संबंधित राज्य राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए मिलकर इस परियोजना को आगे बढ़ा सकते हैं।
परियोजना से किन राज्यों को हो सकता है लाभ?
मुख्यमंत्री के अनुसार, परियोजना पूरी होने पर संभावित रूप से इन राज्यों को लाभ मिल सकता है—
- तमिलनाडु
- आंध्र प्रदेश
- तेलंगाना
- कर्नाटक
हालांकि, परियोजना के विभिन्न चरणों और क्रियान्वयन के लिए संबंधित राज्यों तथा केंद्र सरकार के बीच सहमति और आवश्यक मंजूरियां महत्वपूर्ण होंगी।
एक नजर में मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री विजय ने PM मोदी को जल संकट पर पत्र लिखा।
- गोदावरी-कावेरी-गुंडार रिवर लिंक परियोजना में तेजी लाने की मांग।
- परियोजना को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा देने का अनुरोध।
- जल शक्ति मंत्रालय और NWDA से राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने की अपील।
- SPV बनाकर परियोजना को फास्ट-ट्रैक पर लागू करने का सुझाव।
- दक्षिण भारत में पेयजल और सिंचाई संकट के समाधान पर जोर।
नोट: इस विषय से जुड़ी विभिन्न रिपोर्टों में राजनीतिक पदों और व्यक्तियों के बारे में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। किसी भी आधिकारिक निर्णय या परियोजना की प्रगति की पुष्टि संबंधित सरकारी घोषणा के आधार पर ही की जानी चाहिए।

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