शराब दुकानों में गड़बड़ी
राज्य सरकार ने शराब दुकानों में अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए दो आबकारी उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। यह कार्रवाई शराब की अधिक कीमत पर बिक्री, जांच में लापरवाही और अवैध शराब के स्रोत से जुड़े मामलों में की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
आबकारी विभाग की जांच में अलग-अलग जिलों में शराब दुकानों के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन मामलों के आधार पर आबकारी आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
बलौदाबाजार-भाटापारा में क्या हुआ?
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट शराब दुकान में अधिक कीमत पर शराब बेचने की शिकायत मिली थी।
जांच में सामने आया कि—
शिकायत के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
दुकान का सीसीटीवी सिस्टम अद्यतन नहीं रखा गया।
निगरानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई।
इन कारणों से आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
बालोद में 53 पेटी अवैध शराब का मामला
धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में 25 जुलाई को 53 पेटी देशी और विदेशी अवैध शराब जब्त की गई थी।
जांच के दौरान—
होलोग्राम के आधार पर शराब का स्रोत बालोद जिले की अरकार देशी कम्पोजिट शराब दुकान पाया गया।
निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई।
इसके बाद संबंधित वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी निलंबित कर दिया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी पर भी कार्रवाई
जांच में यह भी पाया गया कि अरकार शराब दुकान की प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन का नियंत्रण कमजोर था और उन्होंने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती।
इसे गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को भेज दी है।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि—
भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
अनियमितता करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
जनता के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आबकारी विभाग की चेतावनी
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी शराब दुकानों में—
अधिक कीमत पर बिक्री,
अवैध शराब की आपूर्ति,
रिकॉर्ड में गड़बड़ी,
सीसीटीवी निगरानी में लापरवाही,
नियमों के उल्लंघन
जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।
क्या है इस कार्रवाई का महत्व?
राज्य सरकार की यह कार्रवाई केवल दो अधिकारियों के निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही का स्पष्ट संदेश भी देती है। शराब दुकानों में पारदर्शिता, निर्धारित दर पर बिक्री और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार सख्ती बरत रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ऐसे मामलों की निगरानी और तेज होगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम शराब कारोबार में नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।

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