August 5, 2026

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इंदौर एयरपोर्ट पर DRI का बड़ा एक्शन: अबू धाबी फ्लाइट से 1.44 करोड़ का सोना जब्त, तस्करी सिंडिकेट की जांच तेज

सोने की तस्करी

इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने सोने की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एजेंसी ने ‘ऑपरेशन एयरो-ब्रिज’ के तहत कार्रवाई करते हुए अबू धाबी से इंदौर पहुंची अंतरराष्ट्रीय उड़ान से करीब 1.02 किलोग्राम सोना जब्त किया है। जब्त किए गए सोने की अनुमानित कीमत करीब 1.44 करोड़ रुपये बताई गई है।

DRI के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही खुफिया निगरानी और विशेष इनपुट के आधार पर की गई। एजेंसी को संदेह था कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए सक्रिय एक तस्करी सिंडिकेट एयरपोर्ट की व्यवस्था का दुरुपयोग कर सोने की अवैध खेप भारत पहुंचा रहा है।

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ‘ऑपरेशन एयरो-ब्रिज’

DRI अधिकारियों को सूचना मिली थी कि अबू धाबी से आने वाली कुछ उड़ानों के माध्यम से सोने की तस्करी की जा रही है। इसके बाद एजेंसी ने संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी शुरू की और ‘ऑपरेशन एयरो-ब्रिज’ चलाया।

जांच के दौरान अबू धाबी-इंदौर फ्लाइट में संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर तलाशी ली गई, जिसमें करीब 1.02 किलोग्राम सोना बरामद हुआ। इसके बाद सोने को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई।

एयरपोर्ट के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि तस्करी गिरोह को एयरपोर्ट की व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों की कथित मदद मिल रही थी। हालांकि, अभी जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

DRI यह पता लगाने में जुटी है कि—

  • तस्करी के पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है।
  • जब्त सोना किस व्यक्ति या समूह का था।
  • सोने को आगे कहां पहुंचाया जाना था।
  • क्या पहले भी इसी तरह की तस्करी की गई थी।
  • यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई की प्रमुख बातें

  • स्थान: देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट, इंदौर
  • एजेंसी: डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI)
  • ऑपरेशन का नाम: ऑपरेशन एयरो-ब्रिज
  • बरामद सोना: लगभग 1.02 किलोग्राम
  • अनुमानित कीमत: करीब ₹1.44 करोड़
  • फ्लाइट: अबू धाबी से इंदौर

कैसे काम करते हैं तस्करी के नेटवर्क?

सोने की तस्करी करने वाले गिरोह अक्सर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का इस्तेमाल करते हैं। तस्कर सीमा शुल्क जांच से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं और कई मामलों में संगठित नेटवर्क के माध्यम से काम करते हैं। हालांकि, खुफिया एजेंसियों की सतर्क निगरानी के चलते ऐसे मामलों का समय-समय पर खुलासा होता रहता है।

DRI की भूमिका

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) देश की प्रमुख जांच एजेंसियों में शामिल है, जो सीमा शुल्क और राजस्व से जुड़े अपराधों की जांच करती है। एजेंसी सोने, विदेशी मुद्रा, नशीले पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी पर लगातार कार्रवाई करती है।

जांच जारी, पूरे सिंडिकेट तक पहुंचने की कोशिश

DRI का कहना है कि जांच केवल जब्त किए गए सोने तक सीमित नहीं रहेगी। एजेंसी पूरे तस्करी नेटवर्क, उससे जुड़े लोगों और उसकी कार्यप्रणाली का पता लगाने में जुटी है। संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

इंदौर एयरपोर्ट पर हुई यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय सोने की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि आगे की जांच में इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।