August 4, 2026

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सूरजपुर को बड़ी सौगात! 5 नए आंगनबाड़ी केंद्रों की मंजूरी, हजारों बच्चों और माताओं को मिलेगा सीधा लाभ

सूरजपुर में 5 नए आंगनबाड़ी केंद्रों को मिली मंजूरी, बच्चों और माताओं तक पहुंचेगी बेहतर पोषण एवं शिक्षा सेवाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिला एवं बाल विकास सेवाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिले में 5 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के युक्तियुक्तकरण एवं संचालन को मंजूरी दी गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और राज्य शासन की स्वीकृति के आधार पर लिया गया है। इससे दूरस्थ और जरूरतमंद क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों तक पोषण, स्वास्थ्य तथा पूर्व-प्राथमिक शिक्षा सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।

किन क्षेत्रों में खुलेंगे नए आंगनबाड़ी केंद्र?

स्वीकृत नए आंगनबाड़ी केंद्र सूरजपुर जिले की ओड़गी और भैयाथान परियोजना के अंतर्गत निम्न स्थानों पर संचालित किए जाएंगे—

डगमलापारा (चेंद्रा सेक्टर)
भूंडा (मोहरसोप सेक्टर)
झाडूडीह (चेंद्रा सेक्टर)
पण्डोपारा (चेंद्रा सेक्टर)
बगईहापारा (दर्रीपारा सेक्टर)

इन सभी स्थानों का चयन स्थानीय जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों तक सेवाएं पहुंच सकें।

युक्तियुक्तकरण से होगा संसाधनों का बेहतर उपयोग

विभागीय आदेश के अनुसार कुछ पहले से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए उन क्षेत्रों में सेवाएं उपलब्ध कराना है, जहां उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

इस पहल से ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले बच्चों एवं महिलाओं को सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।

60 दिनों के भीतर शुरू होंगे केंद्र

महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला प्रशासन और संबंधित परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी नवस्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 60 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से शुरू किया जाए।

इसके साथ ही निम्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं—

पोषण ट्रैकर पर डेटा अपडेट
आईसीडीएस पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की नियुक्ति
भवन और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता
हितग्राहियों का समय पर पंजीयन
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने क्या कहा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे तक सुपोषण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि सूरजपुर के दूरस्थ क्षेत्रों में नए आंगनबाड़ी केंद्र खुलने से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को उनके गांव के समीप ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

जिले में बढ़कर 2086 होगी आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या

विभागीय जानकारी के अनुसार इन पांच नए केंद्रों की स्वीकृति के बाद सूरजपुर जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की कुल संख्या 2086 हो जाएगी।

यह विस्तार राज्य सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसके तहत ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक मातृ एवं शिशु कल्याण सेवाओं की पहुंच को मजबूत बनाया जा रहा है।

नए केंद्रों से मिलने वाले प्रमुख लाभ

इन नए आंगनबाड़ी केंद्रों के शुरू होने से स्थानीय लोगों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी—

बच्चों को बेहतर पोषण और पूरक आहार
पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की सुविधा
गर्भवती एवं धात्री माताओं की नियमित स्वास्थ्य निगरानी
किशोरियों के पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों का लाभ
कुपोषण की पहचान और समय पर उपचार
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की आसान पहुंच
मातृ एवं शिशु कल्याण को मिलेगी नई मजबूती

सूरजपुर जिले में पांच नए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वीकृति केवल संख्या बढ़ाने का कदम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों एवं महिलाओं तक पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। समयबद्ध संचालन और प्रभावी क्रियान्वयन से यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ राज्य सरकार के समावेशी विकास और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी नई गति देगा।