August 4, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

‘नशे को कहें ना, जिंदगी को हां’… पीएम मोदी के अभियान से जुड़ा छत्तीसगढ़, मंत्री लखनलाल देवांगन ने युवाओं को दिया बड़ा संदेश

नशामुक्त युवा अभियान को मिली नई रफ्तार, पीएम मोदी के आह्वान पर युवाओं ने लिया संकल्प

रायपुर/कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के कोरबा में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासकीय ई.वी.पी.जी. महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। उन्होंने देशभर के युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने और विकसित भारत-2047 के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

पीएम मोदी ने युवाओं से किया विशेष आग्रह

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवा हैं और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहेंगे।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे—

नशे से दूर रहने का संकल्प लें।
स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाएं।
समाज में जागरूकता फैलाएं।
राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
मंत्री लखनलाल देवांगन बोले— नशा जीवन को खोखला कर देता है

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्य कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति की प्रगति का सबसे बड़ा दुश्मन है।

उन्होंने कहा कि—

“नशा जीवन को खोखला कर देता है। इससे व्यक्ति का भविष्य ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार प्रभावित होता है।”

मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें, बल्कि अपने परिवार, दोस्तों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना युवाओं की भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता।

विद्यार्थियों को दिया लक्ष्य निर्धारित करने का संदेश

मंत्री देवांगन ने विद्यार्थियों को पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि—

अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी है।
सकारात्मक सोच से ही जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है।
शिक्षा और मेहनत ही उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं।

साथ ही उन्होंने महाविद्यालय से जुड़ी समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया।

महापौर ने बताया नशे का सामाजिक नुकसान

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि नशे की वजह से परिवार टूट रहे हैं और अपराधों में भी बढ़ोतरी हो रही है।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी युवाओं को नशामुक्त जीवन का संकल्प भी दिलाया गया।

कलेक्टर कुणाल दुदावत का संदेश— ‘नशे को ना कहें, जिंदगी को हां’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि—

“कोई भी व्यक्ति जन्म से नशे का आदी नहीं होता। गलत संगति और परिस्थितियां धीरे-धीरे उसे इस रास्ते पर ले जाती हैं।”

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई मित्र या सीनियर दबाव बनाए, तब भी नशे से दूरी बनाए रखें।

कलेक्टर ने एक सरल उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह लोग अपने नए मोबाइल और नई गाड़ी को खरोंच से बचाते हैं, उसी तरह अपने शरीर की भी सुरक्षा करनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ी पूंजी है।

‘माय भारत’ अभियान से जुड़ रहे हजारों युवा

कलेक्टर दुदावत ने बताया कि जिले में ‘माय भारत फॉर युवा’ अभियान के तहत लगभग 58 हजार युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

अब तक—

32 हजार से अधिक युवा अभियान से जुड़ चुके हैं।
हर सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है।
युवाओं को इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास, अध्ययन यात्रा और राष्ट्रीय गतिविधियों में भाग लेने का अवसर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में रही व्यापक भागीदारी

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शिक्षाविद मौजूद रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर
नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर
जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन
पार्षद नरेंद्र देवांगन
प्रभारी प्राचार्य डॉ. बी.एल. साय
एनएसएस स्वयंसेवक
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं प्राध्यापक

अतिथियों का पौध भेंट कर स्वागत किया गया तथा नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने अभियान की विस्तृत जानकारी दी।

नशामुक्त भारत की दिशा में अहम पहल

‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने का राष्ट्रीय अभियान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और राज्य सरकार की सक्रिय भागीदारी से यह पहल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के साथ-साथ विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर प्रेरित कर रही है। यदि समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थान और प्रशासन मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाते हैं, तो नशामुक्त और सशक्त भारत का सपना निश्चित रूप से साकार हो सकता है।