रायपुर। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के 262 शासकीय विद्यालयों में अब बालिका शौचालय का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण पहल को सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से मंजूरी मिली है।
इस योजना के तहत स्कूलों में छात्राओं को स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लंबे समय से जिन विद्यालयों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, वहां अब निर्माण कार्य शुरू होगा।
₹18.34 करोड़ की लागत से होगा निर्माण कार्य
बालिका शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक विद्यालय को 7 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि विभिन्न मदों के अभिसरण से उपलब्ध कराई जाएगी।
- वीबी रामजी योजना से प्रत्येक स्कूल को 5 लाख रुपये।
- जिला खनिज न्यास (DMF) और गौण खनिज मद से 2 लाख रुपये।
- कुल 262 विद्यालयों में लगभग 18.34 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होगा।
इससे बड़ी संख्या में छात्राओं को सीधे लाभ मिलेगा और स्कूलों में उनकी उपस्थिति एवं शिक्षा की निरंतरता को बढ़ावा मिलेगा।
इन क्षेत्रों के स्कूलों में बनेंगे शौचालय
स्वीकृत विद्यालय रायपुर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के 50 विद्यालय।
- आरंग विकासखंड के 117 विद्यालय।
- धरसीवां विकासखंड के 45 विद्यालय।
- तिल्दा विकासखंड के 50 विद्यालय।
इन सभी स्कूलों में छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
दिशा समिति की बैठक में उठाया गया था मुद्दा
बताया गया कि हाल ही में आयोजित दिशा समिति की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बालिका शौचालय विहीन विद्यालयों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराया जाए।
सांसद के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और जिला पंचायत रायपुर ने तेजी से कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्यों की स्वीकृति जारी कर दी है।
छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा कदम
बालिकाओं के लिए स्कूलों में अलग और सुरक्षित शौचालय की सुविधा शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। विशेषकर किशोरावस्था में स्वच्छता सुविधाओं की कमी छात्राओं की पढ़ाई पर असर डाल सकती है।
इस पहल से:
- छात्राओं को बेहतर स्वच्छता सुविधा मिलेगी।
- स्कूल छोड़ने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
- विद्यालयों में सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार होगा।
- बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- बेटियों की शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बालिका शौचालय केवल भवन निर्माण का कार्य नहीं है, बल्कि यह छात्राओं के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और शिक्षा की निरंतरता से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि रायपुर लोकसभा क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय को आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सांसद ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि छात्राओं को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम
सरकारी विद्यालयों में अधोसंरचना सुधारने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से न केवल छात्राओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी स्कूलों के प्रति मजबूत होगा।
रायपुर लोकसभा क्षेत्र के 262 स्कूलों में यह निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हजारों छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

More Stories
दिव्यांगजनों के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुनाफा 364% बढ़ा, शेयर ने 1 साल में दिया 300% से ज्यादा रिटर्न; इस मल्टीबैगर स्टॉक पर निवेशकों की नजर
बारिश में वायरल और सर्दी-जुकाम से बचाएगा ये देसी काढ़ा, तुलसी-काली मिर्च और लौंग का नुस्खा जानें