छत्तीसगढ़ में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों से सामने आए अलग-अलग मामलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जांच के बाद तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक प्रधान पाठक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं अंबिकापुर और जशपुर से भी छात्रों की शिकायतों से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच और कार्रवाई चर्चा में है।
जिला प्रशासन का कहना है कि स्कूलों में अनुशासन और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सारंगढ़ में तीन शिक्षकों पर गिरी गाज
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया ने विभिन्न शिकायतों की जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर तीन शिक्षकों को निलंबित किया गया।
प्रमुख कार्रवाई
- सरोज कुमार भोय (प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला राजपुर, बरमकेला)
आरोप है कि वे कथित रूप से विद्यालय में नशे की हालत में पहुंचे, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ और विद्यार्थियों के बीच भय का माहौल बना। जांच के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। - राजेश कुमार गौतम (प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला चकरदा, बिलाईगढ़)
सहकर्मियों से अभद्र व्यवहार, धमकी देने और लगातार अनुशासनहीनता के आरोप प्रमाणित होने पर उन्हें भी निलंबित किया गया। - यशवंती चौहान (सहायक शिक्षिका, प्राथमिक शाला झाल, बरमकेला)
शासकीय कार्य की उपेक्षा करते हुए कथित रूप से नेटवर्क मार्केटिंग गतिविधियों में शामिल रहने और शिक्षण कार्य प्रभावित करने के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की गई।
एक प्रधान पाठक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी
शिक्षा विभाग ने एक अन्य प्रधान पाठक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव संभागीय संयुक्त संचालक, बिलासपुर को भेजा है। प्रस्ताव पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अंबिकापुर: छात्र से 100 बार गाली लिखवाने के आरोप की जांच
अंबिकापुर के सरगवां स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल से जुड़ा एक मामला भी चर्चा में है। आरोप है कि कक्षा आठ के एक छात्र को कथित सजा के रूप में कॉपी में 100 बार गाली लिखने के लिए कहा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जशपुर: छात्राओं की शिकायत के बाद लैब टेक्नीशियन निलंबित
जशपुरनगर के एक कन्या महाविद्यालय में छात्राओं की शिकायत के बाद लैब टेक्नीशियन अजय गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।
शिकायत में छात्राओं ने अनुचित स्पर्श सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने के बाद संबंधित स्तर पर कार्रवाई की गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उन्हें औपचारिक आदेश की प्रतीक्षा है।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश
हाल के मामलों से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि शिक्षा विभाग स्कूलों और कॉलेजों में अनुशासन, सुरक्षित वातावरण और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है। प्रशासन का कहना है कि—
- शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
- आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- विद्यार्थियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
- शिक्षण संस्थानों में अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या संदेश?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का आधार होते हैं। इसलिए शिक्षकों से उच्च आचरण और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। यदि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में अनुचित व्यवहार, उत्पीड़न या अनुशासनहीनता की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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