July 31, 2026

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8वीं के छात्र से 200 बार गाली लिखवाई, बवाल के बाद महिला टीचर की नौकरी गई

अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक निजी स्कूल से जुड़ा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां 8वीं कक्षा के एक छात्र को कथित तौर पर ऐसी सजा दी गई, जिसने अभिभावकों और शिक्षा जगत में गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आरोप है कि एक महिला शिक्षिका ने छात्र से उसकी नोटबुक में 200 बार मां से जुड़ी अश्लील गाली लिखने को कहा। मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका को नौकरी से हटा दिया है, जबकि शिक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 28 जुलाई की है। कक्षा में दो छात्रों के बीच कहासुनी के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद शिक्षिका ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत एक छात्र को वही गाली 100 बार हिंदी और 100 बार अंग्रेजी में लिखने का निर्देश दिया। साथ ही नोटबुक पर माता-पिता के हस्ताक्षर करवाकर लाने के लिए भी कहा गया।

जब छात्र अपने घर पहुंचा और परिजनों ने नोटबुक देखी, तब उन्हें पूरी घटना का पता चला। इसके बाद उन्होंने स्कूल प्रबंधन से शिकायत दर्ज कराई।

अभिभावकों ने क्या कहा?

छात्र के पिता ने इस सजा को अनुचित बताते हुए कहा कि स्कूल बच्चों को अच्छे संस्कार और शिक्षा देने का स्थान है। यदि किसी बच्चे ने गलती की थी, तो उसे समझाया जाना चाहिए था, न कि उससे बार-बार अश्लील शब्द लिखवाए जाते।

उनका कहना था कि इस तरह की सजा बच्चे के मानसिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

छात्र संगठनों ने किया विरोध

मामला सामने आने के बाद छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विरोध प्रदर्शन किया और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी छात्र के साथ इस प्रकार का व्यवहार न हो।

शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

सरगुजा के जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर इस तरह की सजा शिक्षा के मूल उद्देश्यों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।

जांच में इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है—

छात्र को किस परिस्थिति में यह सजा दी गई।
क्या स्कूल की अनुशासन नीति का पालन किया गया।
स्कूल प्रशासन की भूमिका क्या रही।
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।

जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रबंधन ने उठाया बड़ा कदम

घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने छात्र और उसके परिवार से माफी मांगी। साथ ही संबंधित महिला शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

हालांकि छात्र संगठनों का कहना है कि केवल नौकरी से हटाना पर्याप्त नहीं है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

बच्चों को अनुशासित करने का सही तरीका क्या?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी छात्र को अनुशासित करने के लिए ऐसे दंड नहीं दिए जाने चाहिए, जो उसके मानसिक स्वास्थ्य या आत्मसम्मान को प्रभावित करें। बच्चों से अश्लील शब्द बार-बार लिखवाना या अपमानजनक सजा देना उनके व्यक्तित्व पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

विशेषज्ञ सकारात्मक अनुशासन (Positive Discipline) अपनाने की सलाह देते हैं, जिसमें संवाद, परामर्श और व्यवहार सुधार पर जोर दिया जाता है।

मुख्य बातें
अंबिकापुर के निजी स्कूल का मामला चर्चा में।
8वीं के छात्र से कथित तौर पर 200 बार अश्लील गाली लिखवाई गई।
परिजनों की शिकायत के बाद मामला सामने आया।
स्कूल ने महिला शिक्षिका को नौकरी से हटाया।
शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की।
छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या स्कूल प्रशासन या अन्य संबंधित पक्षों की भी कोई जिम्मेदारी बनती है। तब तक यह मामला स्कूलों में अनुशासन के तरीकों और बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता पर गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है।