भिलाई। छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्मृति नगर चौकी पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कथित तौर पर पंजाब से हेरोइन (चिट्टा) मंगाकर भिलाई और दुर्ग क्षेत्र में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से करीब 18 ग्राम हेरोइन, 6 मोबाइल फोन और नशा सेवन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये बताई गई है।
यह कार्रवाई राज्य में युवाओं को नशे के जाल से बचाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है, ताकि सप्लाई चेन और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
कैसे हुआ पूरे गिरोह का खुलासा?
पुलिस के अनुसार, विशेष अभियान के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि गुरमीत सिंह रंधावा नाम का व्यक्ति पंजाब से हेरोइन मंगाकर अपने साथियों के जरिए भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में बेच रहा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने:
- सूचना का सत्यापन किया।
- स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में घेराबंदी की।
- जुनवानी स्थित शंकराचार्य अस्पताल के पीछे दबिश दी।
- मौके से सभी संदिग्धों को हिरासत में लिया।
- तलाशी के दौरान हेरोइन और अन्य सामग्री बरामद की।
पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ में मुख्य आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह कथित तौर पर:
- पंजाब से लगभग 3,000 रुपये प्रति ग्राम की दर से हेरोइन खरीदता था।
- भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में इसे 6,000 रुपये प्रति ग्राम तक बेचता था।
- नशे के आदी लोगों और युवाओं को छोटी-छोटी पुड़ियों में सप्लाई करता था।
- इस कारोबार से मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि आगे की पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
पुलिस अब किन पहलुओं की जांच कर रही है?
जांच एजेंसियां अब कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम कर रही हैं, जिनमें शामिल हैं—
- पंजाब से सप्लाई करने वाले कथित स्रोत
- स्थानीय नेटवर्क
- खरीदारों की पहचान
- मोबाइल फोन का डिजिटल विश्लेषण
- वित्तीय लेन-देन
- अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका
पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—
- गुरमीत सिंह रंधावा (26)
- गगनदीप सिंह (29)
- शुभम कुमार बैस (29)
- जी. विनित (30)
- उत्तम सिंह उर्फ बॉबी (28)
- अब्दुल कादिर (34)
सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
इस मामले में थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 1091/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा—
- 21(बी)
- 27
- 29
के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी
दुर्ग पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे का कारोबार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें हेरोइन, चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री अथवा सेवन से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में इस कार्रवाई को पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। यदि जांच के दौरान पूरे नेटवर्क का खुलासा होता है, तो राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट लग सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज, परिवार और प्रशासन की संयुक्त भागीदारी से ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है। जागरूकता, समय पर सूचना और सख्त कानून का प्रभावी पालन ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

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