July 31, 2026

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रायगढ़ में देह व्यापार के दो ठिकानों का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार; दो नाबालिग बालिकाओं का पुलिस ने कराया रेस्क्यू

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में महिलाओं और बच्चों के शोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर में संचालित देह व्यापार के दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित मुक्त कराकर संरक्षण में लिया गया।

पुलिस ने दोनों मामलों में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई महिलाओं और बच्चों के शोषण से जुड़े अपराधों पर बड़ी सफलता है।

गोपनीय सूचना पर पुलिस ने बनाई रणनीति

पुलिस को शहर के दो अलग-अलग क्षेत्रों में देह व्यापार संचालित होने की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।

यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई, जिसमें शामिल रहे—

  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह
  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी
  • नगर पुलिस अधीक्षक
  • साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर
  • साइबर, कोतवाली और जूटमिल थाना की संयुक्त टीम

पुलिस ने पहले सूचना की पुष्टि के लिए पाइंटर ग्राहक भेजे और संकेत मिलते ही दोनों स्थानों पर दबिश दी।

लालटंकी दानीपारा में पहला ठिकाना पकड़ा गया

पहली कार्रवाई थाना कोतवाली क्षेत्र के लालटंकी दानीपारा में की गई।

पुलिस को जानकारी मिली थी कि लक्ष्मी शर्मा (46 वर्ष) अपने मकान में लड़कियों को बुलाकर अवैध गतिविधि संचालित कर रही है।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान—

  • संचालिका लक्ष्मी शर्मा को गिरफ्तार किया।
  • पाइंटर को दिए गए 1,500 रुपये बरामद किए।
  • एक सैमसंग मोबाइल फोन जब्त किया।
  • मकान के अलग-अलग कमरों से दो नाबालिग बालिकाओं को बरामद किया।
  • एक कमरे से ऋषभ शर्मा (24 वर्ष) को भी पकड़ा।

तलाशी के दौरान पुलिस को आपत्तिजनक सामग्री भी मिली।

आरोपियों पर पॉक्सो और अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत कार्रवाई

पूछताछ में पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी शर्मा ने स्वीकार किया कि वह पिछले कुछ समय से अपने मकान में लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार संचालित कर रही थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि—

  • ग्राहकों से मिलने वाली रकम में से लड़कियों को भुगतान किया जाता था।
  • बची राशि संचालिका अपने पास रखती थी।
  • यह गतिविधि आर्थिक लाभ के उद्देश्य से संचालित की जा रही थी।

इस मामले में लक्ष्मी शर्मा और ऋषभ शर्मा के खिलाफ—

  • अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4 और 5
  • पॉक्सो अधिनियम की धारा 14

के तहत मामला दर्ज किया गया।

मिट्ठूमुड़ा में दूसरे ठिकाने पर भी छापा

दूसरी कार्रवाई मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक क्षेत्र में की गई। यहां थाना साइबर और जूटमिल पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश दी।

पुलिस के अनुसार, इस मकान में—

  • संचालिका सुनीता मेहर (48 वर्ष) मौजूद मिली।
  • एक कमरे में महिला और अभय सिंह (42 वर्ष) संदिग्ध अवस्था में मिले।
  • पूछताछ में दोनों ने अनैतिक गतिविधि के उद्देश्य से वहां मौजूद होने की बात स्वीकार की।

तलाशी में पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की।

मामले में सुनीता मेहर और अभय सिंह के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत कार्रवाई की गई।

दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित बचाया गया

इस पूरी कार्रवाई का सबसे अहम पहलू दो नाबालिग बालिकाओं का रेस्क्यू रहा।

पुलिस ने—

  • दोनों बालिकाओं को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
  • उनकी काउंसलिंग कराई।
  • आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
  • बाद में उन्हें परिजनों को सौंप दिया।

पुलिस का कहना है कि बालिकाओं की सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है।

महिलाओं और बच्चों के शोषण के खिलाफ अभियान जारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि—

  • अनैतिक देह व्यापार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
  • मानव तस्करी और शोषण से जुड़े मामलों में कठोर कार्रवाई होगी।
  • अपराधियों और नेटवर्क की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी महिलाओं, बच्चों के शोषण या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में संगठित अपराध, मानव तस्करी, महिलाओं और बच्चों के शोषण तथा अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा।

पुलिस का मानना है कि समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।