कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर स्थित गौतम अस्पताल में प्रसूता और नवजात शिशु की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के करीब ढाई महीने बाद अब अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई पीड़िता के पति की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर की है।
मामले में अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए थे। पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
17 मई को हुई थी घटना
जानकारी के अनुसार, 17 मई को एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए भानुप्रतापपुर स्थित गौतम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान—
- प्रसूता की मौत हो गई।
- नवजात शिशु ने भी दम तोड़ दिया।
- घटना के बाद परिवार में मातम छा गया।
महिला और नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि इलाज में लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हुई।
पति की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद मृतका के पति ने भानुप्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू की और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर गौतम अस्पताल के प्रबंधक डॉ. अनिल गौतम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ा दी है।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान—
- अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
- इलाज से जुड़े रिकॉर्ड देखे जाएंगे।
- संबंधित लोगों के बयान लिए जाएंगे।
- विशेषज्ञों की राय ली जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने की थी न्याय की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप था कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण मां और नवजात दोनों की जान चली गई।
परिजनों की शिकायत के बाद अब पुलिस कार्रवाई शुरू होने से मामले में नई दिशा आई है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
प्रसूता और नवजात की मौत से जुड़ा यह मामला एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं में सतर्कता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रसव जैसे संवेदनशील मामलों में—
- समय पर उपचार
- प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता
- आपातकालीन सुविधाएं
- मरीजों की लगातार निगरानी
बेहद जरूरी होती है।
अब जांच रिपोर्ट पर नजर
फिलहाल कांकेर अस्पताल मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच जारी है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि घटना में वास्तविक लापरवाही किस स्तर पर हुई।
जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। इस मामले में अब सभी की नजर पुलिस जांच और विशेषज्ञ रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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