सूरजपुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, बाघ की खाल के साथ तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कथित अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई वाइल्ड क्राइम ब्यूरो से मिली सूचना के आधार पर की गई। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से बाघ की खाल, संरक्षित वन्यजीव पैंगोलिन के शेल तथा शिकार में इस्तेमाल होने वाले हथियार बरामद किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर बाघ की खाल का सौदा करने पहुंचे थे। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
गुप्त सूचना के बाद बनाई गई विशेष रणनीति
वन विभाग को सूचना मिली थी कि इलाके में बाघ की खाल और अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के अंगों की खरीद-फरोख्त होने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने दो विशेष टीमों का गठन किया।
कार्रवाई के तहत कुछ अधिकारियों ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही कथित सौदा तय हुआ और आरोपी सामान लेकर पहुंचे, टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
छापे में क्या-क्या बरामद हुआ?
वन विभाग के अनुसार, तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से—
- बाघ की एक खाल।
- पैंगोलिन (स्केली एंटईटर) के शेल।
- शिकार में इस्तेमाल होने वाले हथियार।
- वन्यजीव तस्करी से जुड़े अन्य संभावित साक्ष्य।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद बाघ की खाल लगभग 5 से 6 महीने पुरानी प्रतीत होती है। इसकी पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद होगी।
बड़े तस्करी नेटवर्क की आशंका
वन विभाग का मानना है कि यह मामला केवल तीन आरोपियों तक सीमित नहीं हो सकता। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि—
- बाघ का शिकार कहां किया गया।
- खाल किन रास्तों से सूरजपुर तक पहुंची।
- इसे किसे बेचा जाना था।
- इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
- आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक क्या हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे सिंडिकेट तक पहुंचने के लिए जांच कई पहलुओं पर आगे बढ़ाई जा रही है।
संयुक्त अभियान में मिली सफलता
वन विभाग के मुताबिक यह कार्रवाई मध्य प्रदेश वाइल्ड क्राइम ब्यूरो और स्थानीय वन विभाग के संयुक्त अभियान के तहत की गई। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
बाघ और पैंगोलिन क्यों हैं संरक्षित?
भारत में बाघ और पैंगोलिन दोनों संरक्षित वन्यजीव हैं। इनके शिकार, अंगों की खरीद-फरोख्त या तस्करी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
मुख्य बातें
- सूरजपुर में वन विभाग ने तीन कथित अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया।
- कार्रवाई वाइल्ड क्राइम ब्यूरो से मिली सूचना के आधार पर हुई।
- आरोपियों के पास से बाघ की खाल, पैंगोलिन के शेल और हथियार बरामद किए गए।
- अधिकारी पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच कर रहे हैं।
- मामले में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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