सक्ती जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन एसीबी के जाल में फंसे
सक्ती। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने गुरुवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल सक्ती के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपने ही अधीनस्थ कर्मचारी का वेतन संबंधी पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय भेजने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वेतन जारी करने के बदले मांगी गई थी रिश्वत
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता गंगा प्रसाद रत्नाकर, जो फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं, ने ब्यूरो से शिकायत की थी कि उनकी मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय पोरथा, जिला सक्ती में है। फरवरी 2026 से उनका अटैचमेंट जिला अस्पताल सक्ती में किया गया था।
शिकायत में बताया गया कि मई और जून 2026 का पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय नहीं भेजा जा रहा था, जिसके कारण उनका वेतन अटक गया था।
पांच महीने के हिसाब से मांगे गए 1 लाख रुपये
शिकायतकर्ता के मुताबिक प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल ने फरवरी से जून 2026 तक के पांच माह के लिए प्रति माह 20 हजार रुपये की मांग की।
यानी कुल 1 लाख रुपये रिश्वत देने के बाद ही पे-डेटा आगे भेजने और वेतन जारी कराने की बात कही गई थी।
शिकायत सही मिलने पर एसीबी ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी बिलासपुर ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।
आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर डभरा स्थित अपने अस्थायी निवास के पास बुलाया।
स्कॉर्पियो में रिश्वत लेते ही दबोचा गया
गुरुवार रात करीब 9 बजे डभरा कॉलेज मोड़ के पास शिकायतकर्ता एसीबी टीम के साथ पहुंचा।
बताया गया कि आरोपी डॉ. संतोष कुमार पटेल शिकायतकर्ता की स्कार्पियो में बैठे और जैसे ही उन्होंने 1 लाख रुपये अपने कब्जे में लिए, पहले से घात लगाए एसीबी अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम मौके से बरामद कर ली गई।
आरोपी पर दर्ज हुआ मामला
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
प्रमुख बातें
- जिला अस्पताल सक्ती के प्रभारी सिविल सर्जन गिरफ्तार।
- 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए।
- वेतन संबंधी पे-डेटा भेजने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप।
- शिकायत फार्मासिस्ट ग्रेड-2 ने एसीबी से की थी।
- डभरा कॉलेज मोड़ के पास स्कॉर्पियो में ट्रैप कार्रवाई।
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जांच जारी।
नोट: यह खबर एसीबी द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले में अंतिम निष्कर्ष तय होगा।

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