July 26, 2026

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सूरजपुर के मदन नगर में बवाल: पुलिस-ग्रामीण हिंसक झड़प, कई जवान घायल, भूमि अधिग्रहण विवाद ने फिर पकड़ा तूल

रायपुर/सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के मदन नगर गांव में गुरुवार तड़के पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में तीन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कई ग्रामीणों के भी घायल होने की खबर सामने आ रही है। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

भूमि अधिग्रहण विवाद से जुड़ा है मामला

मदन नगर गांव लंबे समय से एसईसीएल (SECL) की महान खदान परियोजना के विस्तार का विरोध कर रहा है। यह गांव प्रतापपुर और खड़गंवा के बीच स्थित है और प्रस्तावित कोयला खनन क्षेत्र में आता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वे अपनी कृषि भूमि और जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी कीमत पर जमीन खनन के लिए नहीं देंगे।

बताया जा रहा है कि एसईसीएल कोल बेयरिंग एरिया (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन लगातार विरोध के कारण अब तक सफलता नहीं मिल सकी है।

आखिर पुलिस इतनी बड़ी संख्या में क्यों पहुंची?

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 4:30 बजे लगभग 200 पुलिसकर्मियों के साथ राजस्व विभाग और एसईसीएल के अधिकारी मदन नगर पहुंचे थे।

इसी दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि टीम पुराने मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी। उनका कहना है कि आरोपियों की तलाश के दौरान ग्रामीणों ने विरोध किया और झड़प हो गई।

हालांकि इस दावे पर सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थी तो इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की जरूरत क्यों पड़ी।

ग्रामीणों का क्या कहना है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को आगे बढ़ाना था। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले से कोई संवाद स्थापित नहीं किया और अचानक बड़ी संख्या में पुलिस पहुंचने से स्थिति बिगड़ गई।

ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया

घटना को लेकर जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।

बताया गया है कि कलेक्टर रेना जमील से फोन, एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।

फिलहाल स्थिति

  • तीन से अधिक पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं।
  • कई ग्रामीणों के घायल होने की भी सूचना है।
  • घायलों का इलाज अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है।
  • गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
  • पूरे मामले पर प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।

नोट: यह खबर प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। प्रशासन की आधिकारिक जांच और बयान आने के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।