July 27, 2026

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राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 में छत्तीसगढ़ का जलवा! ‘राम-नामी’ बनी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री, मुख्यमंत्री साय ने जताया गर्व

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में राज्य के अद्वितीय रामनामी समुदाय की परंपरा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म का सम्मान दिया गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल एक फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान मिलने का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक भरतबाला गणपति और पूरी फिल्म टीम को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि ‘राम-नामी’ ने छत्तीसगढ़ की एक अनूठी परंपरा को बेहद प्रभावशाली ढंग से देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। यह सम्मान प्रदेश के कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणादायक है।

क्या है रामनामी समुदाय की विशेषता?

रामनामी समुदाय छत्तीसगढ़ की सबसे अनूठी आध्यात्मिक परंपराओं में से एक माना जाता है। इस समुदाय के लोग भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अटूट आस्था को जीवन का आधार मानते हैं।

इस परंपरा की सबसे बड़ी पहचान है कि समुदाय के कई सदस्य अपने शरीर पर ‘राम’ नाम अंकित करवाते हैं। उनके वस्त्र, भजन, जीवनशैली और सामाजिक परंपराएं भी भगवान राम की भक्ति से जुड़ी होती हैं।

इसी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को डॉक्यूमेंट्री ‘राम-नामी’ में संवेदनशील और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं को देशभर में नई पहचान दिलाने वाला है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि से—

  • प्रदेश की लोक संस्कृति को नई पहचान मिलेगी।
  • जनजातीय और लोक समुदायों की परंपराओं के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी।
  • छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी।
  • युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित होगी।

डॉक्यूमेंट्री की उपलब्धि क्यों है खास?

डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं को सहेजना भी होता है।

‘राम-नामी’ ने—

  • रामनामी समाज की अनूठी परंपरा को दस्तावेज़ के रूप में संरक्षित किया।
  • श्रद्धा, समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
  • छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
  • स्थानीय विरासत को व्यापक दर्शकों से जोड़ने का कार्य किया।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति को मिलेगा नया मंच

राज्य सरकार का मानना है कि इस राष्ट्रीय सम्मान से छत्तीसगढ़ की लोक कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को देश-विदेश में नई पहचान मिलेगी। इससे सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है और प्रदेश की विशिष्ट पहचान मजबूत होगी।

प्रदेश के लिए गौरव का क्षण

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलना छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सम्मान न केवल फिल्म की उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि उन सांस्कृतिक परंपराओं का भी सम्मान है जो पीढ़ियों से भारतीय समाज की आध्यात्मिक और सामाजिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं। यह उपलब्धि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।