July 30, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

रथयात्रा 2026: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया क्यों भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा सिर्फ पर्व नहीं, समाज को जोड़ने वाला महाउत्सव है

रथयात्रा 2026

रायपुर। भगवान श्री जगन्नाथ की पावन रथयात्रा 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और लोक परंपरा का जीवंत उत्सव है, जो समाज में समरसता, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ का जीवन लोककल्याण, करुणा और समानता का संदेश देता है। यही कारण है कि रथयात्रा सदियों से लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती रही है। इस पावन अवसर पर उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

बचपन से रथयात्रा से जुड़ी हैं यादें

ओपी चौधरी ने अपनी व्यक्तिगत भावनाएं साझा करते हुए बताया कि उनके पैतृक गांव में भगवान श्री जगन्नाथ का मंदिर स्थित है। बचपन से ही वे गांव के लोगों के साथ रथयात्रा में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और आज भी उन्हें उसी उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पर्व का इंतजार रहता है।

उन्होंने कहा कि रथयात्रा लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का अवसर देती है और समाज में सामूहिक सहभागिता की भावना को मजबूत बनाती है।

रथयात्रा देती है समानता और सेवा का संदेश

वित्त मंत्री ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा हमें यह सिखाती है कि समाज में सभी समान हैं। यह पर्व सेवा, सद्भाव और जनकल्याण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता उसकी समावेशी सोच है और रथयात्रा उसी भावना का प्रतीक है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस पावन अवसर पर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश आगे बढ़ाएं।

वित्त मंत्री ने दी शुभकामनाएं

अपने संदेश में ओपी चौधरी ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की कृपा से सभी लोगों के जीवन में खुशहाली आए और समाज में शांति एवं सौहार्द बना रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश और देश निरंतर विकास तथा जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ते रहेंगे।

रथयात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है। इस दिन लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के रथों को खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक परंपराओं का भी प्रतीक माना जाता है।

मुख्य बातें

  • वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रथयात्रा पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं।
  • रथयात्रा को भारतीय संस्कृति और लोक परंपरा का जीवंत उत्सव बताया।
  • भगवान जगन्नाथ के जीवन को सेवा, करुणा और समरसता का प्रतीक कहा।
  • अपने गांव की रथयात्रा से जुड़ी बचपन की यादें साझा कीं।
  • सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

रथयात्रा 2026 का यह पावन पर्व एक बार फिर यह संदेश देता है कि भारतीय संस्कृति की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, सेवा और सामाजिक समरसता में निहित है। भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा न केवल आस्था का उत्सव है, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक मूल्यों को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है।