July 26, 2026

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बिलासपुर बाल संप्रेक्षण गृह में सनसनी: चौकीदार की हत्या कर 4 नाबालिग फरार, जेल जाने से पहले रची थी साजिश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरकंडा स्थित बिलासपुर बाल संप्रेक्षण गृह से चार नाबालिगों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, फरार होने से पहले नाबालिगों ने वहां तैनात नाइट चौकीदार की हत्या की और फिर फिल्मी अंदाज में संप्रेक्षण गृह से भाग निकले।

घटना के बाद सरकंडा पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार बाल अपचारियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

चौकीदार की हत्या कर बनाया भागने का प्लान

जानकारी के अनुसार, तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद गांव निवासी नरेंद्र कुमार खांडे पिछले करीब एक साल से बाल संप्रेक्षण गृह में नाइट चौकीदार के रूप में कार्यरत थे। वह संविदा आधार पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि रविवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच चारों नाबालिगों ने चौकीदार के साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने चौकीदार के हाथ-पैर बांध दिए और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए उसके मुंह में गमछा ठूंस दिया गया।

ऐसे फरार हुए चारों नाबालिग

पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपियों ने फरार होने के लिए पूरी योजना तैयार कर रखी थी।

फरारी का तरीका इस प्रकार बताया जा रहा है—

  • दूसरे चौकीदार की बाइक और परिसर की चाबी अपने कब्जे में ली।
  • भवन की छत पर पहुंचे।
  • वहां से छोटी छत पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था को पार किया।
  • कांटेदार तार हटाकर बाहर निकल गए।
  • लकड़ी की सीढ़ी का इस्तेमाल कर नीचे उतरे।

पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला कि फरार होने से पहले आरोपी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी निकालकर अपने साथ ले गए, ताकि उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में सामने आया है कि नियमानुसार विधि से संघर्षरत बालकों को अलग-अलग कमरों में रखा गया था।

इसके बावजूद सभी चारों नाबालिग एक साथ कैसे रुके और उन्होंने इतनी बड़ी वारदात की योजना कैसे बना ली, इसे लेकर जिम्मेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

परिजनों ने की मुआवजे और नौकरी की मांग

घटना के बाद मृतक चौकीदार के परिजनों ने मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। परिजनों ने बाल संप्रेक्षण गृह के बाहर रात गुजारकर अपनी नाराजगी जताई।

परिजनों का कहना है कि घटना के बाद भी काफी देर तक चौकीदार का शव पहली मंजिल पर पड़ा रहा और किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली।

पुलिस ने शुरू की तलाश

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। बाल अपचारियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।

वहीं, फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से फरार नाबालिगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

फिलहाल इस पूरे मामले ने बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।