रायपुर। जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदा के कारण हुई जनहानि के तीन मामलों में जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत दी है। राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के प्रावधानों के तहत मृतकों के परिजनों को कुल 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। प्रशासन ने आपदा प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया।
जिला प्रशासन के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिवारों को अलग-अलग मामलों में 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
कुएं में डूबने से हुई मौत, परिवार को मिली सहायता
कांसाबेल तहसील के ग्राम नकबार निवासी सुखयारो बाई की कुएं में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद उनके परिवार को राहत देने के लिए प्रशासन ने उनकी माता श्रीबाई के नाम पर 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
नाले में डूबने से युवक की मौत
दूसरे मामले में मनोरा तहसील के ग्राम खोखसो बेंजोरा निवासी जयपाल राम की नाले में डूबने से मृत्यु हुई थी। प्रशासन ने इस मामले में मृतक की पत्नी श्रीमती मनकुमारी बाई को 4 लाख रुपये की सहायता राशि मंजूर की है।
कुएं में डूबने से दिलसार अंसारी की मौत
तीसरे मामले में मनोरा तहसील के ग्राम बेंजोरा निवासी दिलसार अंसारी की कुएं में डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना में उनके पिता श्री जमील अंसारी को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत 4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
संकट के समय परिवारों को आर्थिक संबल
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि आपदा में परिवार के सदस्य को खोने वाले लोगों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता मिल सके, जिससे उन्हें कठिन परिस्थितियों में कुछ राहत प्रदान की जा सके।
क्या है RBC 6-4 योजना?
राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा जैसे डूबने, आकाशीय बिजली, सर्पदंश, अतिवृष्टि सहित अन्य घटनाओं में मृत्यु होने पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस व्यवस्था के माध्यम से प्रशासन आपदा पीड़ित परिवारों तक त्वरित राहत पहुंचाने का प्रयास करता है, ताकि संकट की घड़ी में उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना कम करना पड़े।
जशपुर जिला प्रशासन ने कहा है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

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