धमतरी जिले में वन्य जीवों के शिकार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। Dhamtari News से जुड़ी इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर प्रशासन की सख्ती को एक बार फिर सामने ला दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वन्य जीवों के शिकार और उससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले के बीरगुड़ी वन परिक्षेत्र के जंगल में कुछ युवक दुर्लभ वन्य जीवों का शिकार कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
वीडियो वायरल होते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने वीडियो की जांच कर आरोपियों की पहचान की और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
दुर्लभ गोह सहित अन्य वन्य जीवों का किया शिकार
जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो में आरोपी दुर्लभ प्रजाति के गोह (मॉनिटर लिज़र्ड) सहित अन्य वन्य जीवों का शिकार करते दिखाई दे रहे थे।
वन विभाग ने इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की।
कांकेर जिले के रहने वाले हैं आरोपी
वन विभाग की जांच में गिरफ्तार सभी आरोपी कांकेर जिले के नरहरपुर क्षेत्र के निवासी पाए गए। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
- विनोद कुमार टेकाम
- घसिया
- प्रदीप नेताम
- शैलेन्द्र कुमार यादव
- शिवानंद मरकाम
बताया गया कि सभी आरोपी ग्राम भनसुली, तहसील नरहरपुर, जिला कांकेर के निवासी हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया।
इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वन विभाग ने दी सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन और वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि—
- वन्य जीवों का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है।
- सोशल मीडिया पर शिकार के वीडियो साझा करना भी जांच का आधार बन सकता है।
- वन्यजीवों के अवैध शिकार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
- भविष्य में भी ऐसे मामलों में लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वन्यजीव संरक्षण क्यों है जरूरी?
छत्तीसगढ़ के जंगल जैव विविधता से भरपूर हैं और यहां कई दुर्लभ वन्य जीव पाए जाते हैं। इन जीवों का अवैध शिकार न केवल पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित करता है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानून का गंभीर उल्लंघन भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के दौर में ऐसे वीडियो कई बार अपराधियों की पहचान का अहम माध्यम बन जाते हैं। इसलिए वन विभाग लगातार डिजिटल निगरानी भी बढ़ा रहा है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं वन्य जीवों के शिकार या तस्करी की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर वन्य संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

More Stories
नाबालिग के अपहरण के बाद दुष्कर्म, अभनपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई; POCSO एक्ट में आरोपी गिरफ्तार
राहुल गांधी के आरोपों पर CJP का बड़ा दांव, अमित शाह की भूमिका पर उठाए सवाल; भाजपा ने कहा- यह सरासर झूठ
बिलासपुर सेंट्रल जेल में खौफनाक घटना: आजीवन सजा काट रहे कैदी ने जलती भट्ठी में कूदकर दी जान, सुरक्षा पर उठे सवाल