नैनो उर्वरक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी अब तेजी से आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रही है। किसान पारंपरिक तरीकों के साथ नई कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी बदलाव की एक प्रेरक कहानी कोरबा जिले के किसान फूलसाय की है, जिन्होंने अपनी धान की खेती में नैनो उर्वरक का उपयोग शुरू कर नई उम्मीदों के साथ कृषि कार्य को आगे बढ़ाया है।
कोरबा जिले के विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम भलपहरी निवासी किसान फूलसाय पिछले कई वर्षों से खेती से जुड़े हुए हैं। वे लगभग तीन एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। उनका कहना है कि समय के साथ खेती के तरीके भी बदल रहे हैं और आधुनिक संसाधनों के उपयोग से किसानों के लिए खेती करना पहले की तुलना में आसान हुआ है।
समय पर मिले खाद-बीज, आसान हुई खेती की तैयारी
किसान फूलसाय बताते हैं कि खरीफ सीजन की तैयारी के दौरान उन्हें इस बार आवश्यक कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध हो गई। खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता से उन्हें बुआई की तैयारी में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि पहले कई बार कृषि सामग्री के लिए इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधन समय पर मिलने से वे सही समय पर कृषि कार्य शुरू कर पा रहे हैं।
किसान फूलसाय के अनुसार:
- समय पर खाद और बीज मिलने से खेती की तैयारी बेहतर हुई।
- आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से कृषि कार्य आसान हो रहा है।
- नई तकनीकों को अपनाने से उत्पादन बढ़ाने की संभावना बढ़ती है।
- लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।
नैनो डीएपी और नैनो यूरिया बना किसानों की पसंद
फूलसाय ने इस वर्ष अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का प्रयोग किया है। उनका कहना है कि बदलते समय के साथ किसानों को भी नई तकनीकों को अपनाना चाहिए।
नैनो उर्वरक खेती में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए आधुनिक विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। किसान का मानना है कि इससे फसल को संतुलित पोषण मिलता है और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नए प्रयोग करने से किसान अपनी खेती को और अधिक लाभकारी बना सकते हैं। पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों का मेल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सरकार की योजनाओं से किसानों को मिल रहा सहयोग
किसान फूलसाय ने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है। खाद, बीज और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है।
उन्होंने खेती के लिए आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़ का किसान
छत्तीसगढ़ में किसान अब केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे ड्रोन तकनीक, उन्नत बीज, जैविक खेती और नैनो उर्वरकों जैसी नई तकनीकों को अपनाने लगे हैं। इससे खेती में बदलाव दिखाई दे रहा है।
फूलसाय जैसे किसान यह संदेश दे रहे हैं कि यदि सही जानकारी और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हों तो किसान अपनी मेहनत से खेती को अधिक लाभदायक बना सकते हैं।
आज नैनो उर्वरक जैसे नवाचार खेती के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है, बल्कि किसानों को कम लागत में बेहतर परिणाम प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर छत्तीसगढ़ का अन्नदाता आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

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