जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से किसानों के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कटंगी थाना क्षेत्र में दो व्यापारियों पर 31 किसानों से करीब 80 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। आरोपियों ने किसानों से हजारों क्विंटल गेहूं और चना खरीद लिया, लेकिन भुगतान के नाम पर ऐसे चेक दिए जिनके बैंक खातों में पर्याप्त राशि ही नहीं थी। जब किसानों ने चेक बैंक में जमा किए तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित किसानों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कैसे हुई किसानों के साथ ठगी?
जानकारी के अनुसार, अप्रैल महीने में दो व्यापारियों ने क्षेत्र के 6 गांवों के 31 किसानों से बड़ी मात्रा में गेहूं और चना खरीदा। व्यापारियों ने भरोसा जीतने के लिए पहले कुछ रकम नकद या भुगतान के रूप में दी और शेष राशि के लिए चेक जारी कर दिए।
हालांकि, जब किसानों ने बैंक में चेक लगाए तो पता चला कि संबंधित खातों में पर्याप्त रकम नहीं थी। बैंक ने सभी चेक अपर्याप्त शेष राशि (Insufficient Funds) के कारण वापस कर दिए।
6 हजार क्विंटल गेहूं और 150 क्विंटल चना खरीदा
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने किसानों से लगभग—
6,000 क्विंटल गेहूं खरीदा।
150 क्विंटल चना खरीदा।
शुरुआत में करीब 11 लाख रुपये का भुगतान किया।
शेष करीब 80 लाख रुपये के भुगतान के लिए चेक दिए, जो बाद में बाउंस हो गए।
जब किसानों ने भुगतान की मांग की तो व्यापारियों ने पैसे देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
इन व्यापारियों पर दर्ज हुआ मामला
कटंगी थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो सगे भाइयों और व्यापारियों—
राजा सिंह लोधी
सोहन लोधी
के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही है जांच?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि—
खरीदा गया अनाज कहां बेचा गया।
आरोपियों ने इस लेनदेन से कितनी राशि अर्जित की।
किसानों की बकाया रकम कैसे वापस दिलाई जा सकती है।
क्या इसी तरह अन्य किसानों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है।
जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद प्रभावित किसानों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की पूरी फसल व्यापारियों को सौंप दी, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, बकाया राशि की वसूली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी कृषि उपज बेचते समय किसानों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए—
खरीदार की पहचान और व्यापारिक पंजीकरण की पुष्टि करें।
संभव हो तो भुगतान आरटीजीएस/एनईएफटी या अन्य सुरक्षित डिजिटल माध्यम से लें।
चेक स्वीकार करने से पहले बैंक खाते की विश्वसनीयता सुनिश्चित करें।
सभी खरीद-बिक्री दस्तावेज और रसीदें सुरक्षित रखें।
किसी भी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तुरंत पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ किसानों की रकम वापस दिलाने की संभावनाओं पर भी कार्रवाई जारी है।

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