July 27, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

पहली बारिश में ही बह गई करोड़ों की पुलिया! जोगीनाला निर्माण पर उठे भ्रष्टाचार के सवाल, ग्रामीणों ने मांगी जांच

कोरबा जिले के करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भैसामुड़ा में स्थित जोगीनाला पुलिया पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस पुलिया के टूटने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पहली ही बारिश में खुली निर्माण की पोल

ग्रामीणों के मुताबिक पुलिया का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था। लोगों को उम्मीद थी कि इससे आवागमन आसान होगा, लेकिन पहली तेज बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नई बनी पुलिया शुरुआती बारिश भी नहीं झेल सकी, तो यह निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल है।

पहले भी उठाए गए थे सवाल

ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण कार्य के दौरान ही कई बार संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता को लेकर शिकायतें दी गई थीं।

उनके आरोप हैं कि—

  • निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया।
  • तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया।
  • शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने निरीक्षण नहीं किया।
  • निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती।

सूचना पटल नहीं होने से बढ़ा संदेह

स्थानीय लोगों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि निर्माण स्थल पर परियोजना से संबंधित अनिवार्य सूचना पटल भी नहीं लगाया गया था।

इसके कारण लोगों को यह जानकारी नहीं मिल सकी कि—

  • पुलिया का निर्माण किस विभाग ने कराया।
  • कार्यदायी संस्था कौन है।
  • परियोजना की स्वीकृत लागत कितनी है।
  • निर्माण कार्य कब शुरू और कब पूरा हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि सूचना की पारदर्शिता नहीं होने से पूरे निर्माण कार्य पर संदेह और गहरा गया है।

सरकारी धन के उपयोग पर उठे सवाल

क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास कार्यों में खर्च होने वाला पैसा जनता के टैक्स का होता है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य तय गुणवत्ता के अनुरूप नहीं होंगे तो इसका नुकसान आम लोगों को ही उठाना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज, तकनीकी स्वीकृतियां और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • पुलिया निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।
  • निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच हो।
  • संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जाए।
  • यदि अनियमितता साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
  • भविष्य में सभी निर्माण कार्यों में सूचना पटल और गुणवत्ता निगरानी अनिवार्य बनाई जाए।

प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार

जोगीनाला पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब पूरे मामले पर लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। फिलहाल ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।