June 30, 2026

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ईरान युद्ध से सबक! भारत का मेगा एनर्जी प्लान तैयार, अब नहीं होगी पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत

ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में लगातार बने तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इसी स्थिति से सबक लेते हुए भारत सरकार अब एक बड़े ऊर्जा सुरक्षा मास्टर प्लान पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत को रोकना है।

इस योजना के तहत कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी का बड़ा स्ट्रेटजिक रिजर्व तैयार किया जाएगा, जो देश की लगभग एक महीने की घरेलू मांग को पूरा करने में सक्षम होगा।

क्या है सरकार का नया मास्टर प्लान?

रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार का लक्ष्य ऊर्जा भंडारण क्षमता को कई गुना बढ़ाना है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक विशेष समिति भी गठित की है।

इस योजना के प्रमुख बिंदु—

  • कच्चे तेल (Crude Oil) का बड़ा स्ट्रेटजिक रिजर्व
  • एलपीजी और एलएनजी के लिए अलग भंडारण व्यवस्था
  • भूमिगत और ओवरग्राउंड स्टोरेज का मिश्रित मॉडल
  • संभावित स्थानों और तकनीकी विकल्पों का अध्ययन

क्यों जरूरी हुआ यह कदम?

पश्चिम एशिया में संघर्ष, विशेषकर ईरान और अन्य देशों से जुड़े तनाव ने यह दिखाया कि भारत जैसे बड़े आयातक देश की ऊर्जा आपूर्ति कितनी संवेदनशील है।

मुख्य कारण—

  • तेल आपूर्ति मार्गों में बाधा
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रास्तों पर जोखिम
  • आयात पर अत्यधिक निर्भरता
  • मौजूदा स्टोरेज क्षमता की सीमाएं

भारत के पास अभी कितना भंडार?

वर्तमान स्थिति के अनुसार—

  • भारत के पास लगभग 39 मिलियन बैरल स्ट्रेटजिक क्रूड ऑयल रिजर्व है
  • यह केवल करीब 8 दिनों की आयात जरूरत को पूरा कर सकता है
  • रिफाइनरियों और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम मिलाकर कुल स्टॉक 70 दिनों तक का है

यह आंकड़ा दर्शाता है कि संकट की स्थिति में देश की निर्भरता काफी अधिक है।

नया लक्ष्य क्या है?

सरकार का अंतिम लक्ष्य है—

  • कम से कम 120 मिलियन बैरल स्टोरेज क्षमता तैयार करना
  • यह क्षमता देश की ऊर्जा सुरक्षा को कई गुना मजबूत करेगी
  • अगले 5 वर्षों में इस योजना को पूरा करने की तैयारी है

एलपीजी और एलएनजी की चुनौती

एलपीजी और एलएनजी का भंडारण सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

  • एलपीजी को दबाव में तरल रूप में रखना पड़ता है
  • एलएनजी को बेहद कम तापमान पर स्टोर करना होता है
  • दोनों के लिए महंगे और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है

वर्तमान में—

  • एलपीजी स्टोरेज केवल लगभग 2 दिनों की खपत के बराबर है
  • एलएनजी का स्ट्रेटजिक रिजर्व लगभग न के बराबर है

सरकार क्या कर रही है?

पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि—

  • एलपीजी स्टोरेज क्षमता बढ़ाई जाए
  • आपातकालीन भंडार तैयार किया जाए
  • एलएनजी टर्मिनलों का विस्तार किया जाए
  • 10% अतिरिक्त क्षमता बनाए रखने की योजना पर काम हो

वैश्विक मॉडल से सीख

भारत अब उन देशों की नीति को भी देख रहा है जो पहले से मजबूत ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित कर चुके हैं, जैसे—

  • जापान
  • सिंगापुर
  • ताइवान

इन देशों की तरह भारत भी रणनीतिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा है।

क्यों है यह योजना अहम?

यह योजना कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है—

  • वैश्विक संकट में सप्लाई सुरक्षा
  • तेल कीमतों में अचानक उछाल से बचाव
  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
  • आपात स्थिति में राहत व्यवस्था