June 30, 2026

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निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग तेज! विधायक विक्रम मंडावी ने CM साय को लिखा पत्र, उठाया बड़ा मुद्दा

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा सामने आया है। क्षेत्र के विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर नक्सली मामलों में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग की है।

विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि बस्तर क्षेत्र के कई आदिवासी ग्रामीण ऐसे हैं, जो नक्सली मामलों में आरोपित होकर लंबे समय से जेलों में बंद हैं, जबकि उनके परिवार आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

बस्तर के आदिवासी परिवारों की परेशानी का उठाया मुद्दा

विक्रम मंडावी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि बस्तर संभाग लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों पर नक्सल गतिविधियों से जुड़े आरोप लगे और कई लोगों को जेल भेजा गया।

उन्होंने कहा कि इनमें से कई लोग गरीब और कम शिक्षित परिवारों से आते हैं, जिनके लिए कानूनी प्रक्रिया को समझना और न्यायालय तक पहुंचना आसान नहीं होता।

आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण कई परिवार उचित कानूनी सहायता भी नहीं ले पाते, जिसके चलते कई मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया लंबी होती चली जाती है।

सरकार की पुनर्वास नीति का दिया उदाहरण

विधायक ने अपने पत्र में यह भी कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति लागू कर चुकी है और इसके तहत उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास का अवसर दिया जा सकता है, तो वर्षों से जेलों में बंद उन आदिवासी ग्रामीणों के मामलों की भी मानवीय आधार पर समीक्षा की जानी चाहिए, जिनके खिलाफ आरोपों को लेकर विवाद या संदेह की स्थिति है।

क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इस मांग पर विचार करती है, तो इसके लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत प्रक्रिया अपनानी होगी।

संभावित कदमों में शामिल हो सकते हैं—

  • लंबित मामलों की समीक्षा।
  • प्रत्येक मामले की कानूनी जांच।
  • निर्दोष पाए जाने वाले लोगों की पहचान।
  • कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध कराना।
  • पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन की व्यवस्था।

बस्तर में बदलते हालात का भी जिक्र

विधायक ने अपने पत्र में कहा कि बस्तर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।

उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र तेजी से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है और ऐसे समय में जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों की समीक्षा सामाजिक विश्वास को और मजबूत कर सकती है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

  • यह मामला न्याय और मानवाधिकार से जुड़ा है।
  • आदिवासी समुदाय के बीच विश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
  • कानूनी सहायता से वंचित लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
  • सरकार की पुनर्वास और समावेशन नीति को मजबूती मिल सकती है।