गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही सख्त नीति और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई, जिससे प्रशासन की तेज प्रतिक्रिया और ज़ीरो टॉलरेंस नीति एक बार फिर सामने आई है।
जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने देवराजपारा-सधवानी, बंधी-बचरवार और सिलपहरी क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर यह कार्रवाई की। इनमें मुरूम, मिट्टी और रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले सामने आए।
शिकायत पर तुरंत एक्शन, तीन क्षेत्रों में छापेमारी
मुख्य रूप से ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज की गई थी कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। शिकायत मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने जांच शुरू की।
कार्रवाई के दौरान—
- देवराजपारा-सधवानी से 2 जेसीबी जब्त
- बंधी-बचरवार से 1 जेसीबी जब्त
- सिलपहरी से रेत परिवहन में लगे 3 ट्रैक्टर जब्त
सभी वाहनों को पुलिस लाइन अमरपुर में सुरक्षित रखा गया है।
अवैध खनन पर प्रशासन का सख्त रुख
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा की अवैध लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने कहा कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि—
- नियमित निरीक्षण किया जाए
- शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो
- अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोका जाए
इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्त निगरानी व्यवस्था का परिणाम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी प्रभावी माध्यम
इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एक महत्वपूर्ण भूमिका में रही। ग्रामीणों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई कर प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि अब शिकायतें केवल दर्ज नहीं होतीं, बल्कि उन पर वास्तविक कार्रवाई भी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस कदम से शासन-प्रशासन पर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।
दोषियों पर होगी कानूनी कार्रवाई
खनिज विभाग के अनुसार, जब्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों के खिलाफ खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
नियमों के अनुसार—
- अर्थदंड लगाया जाएगा
- समझौता राशि जमा करनी होगी
- उसके बाद ही वाहन छोड़े जाएंगे
प्रशासनिक टीम की सक्रिय भूमिका
इस कार्रवाई में खनिज विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें शामिल रहे—
- सहायक खनिज अधिकारी
- खनिज निरीक्षक
- खनिज सिपाही
- नगर सैनिक
टीम की त्वरित कार्रवाई से अवैध खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जा सकी।
खनिज संपदा संरक्षण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित कर रहा है कि खनिज संपदा का अवैध दोहन न हो और राज्य के राजस्व को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनन के खिलाफ सख्ती और तेज़ होती जाएगी, और नियम तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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