June 25, 2026

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शादी के मंडप में दुल्हन का बड़ा फैसला: शराबी दूल्हे को देख फेरे से किया इनकार, 3 लाख देकर लौटी बारात

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से सामने आई एक घटना ने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है। शादी के मंडप में बैठी एक दुल्हन ने उस समय बड़ा और साहसिक फैसला लिया, जब उसने अपने होने वाले पति को शराब के नशे में धुत देखा। दूल्हे की हालत देखकर दुल्हन ने तुरंत फेरे लेने से इनकार कर दिया और शादी तोड़ने का निर्णय ले लिया।

यह मामला जिले के कोसमंदा गांव का है, जहां 23 जून को युवती की शादी पड़ोसी गांव के युवक से तय हुई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार बारात धूमधाम से गांव पहुंची और विवाह की रस्में शुरू होने लगीं। लेकिन इसी दौरान दुल्हन और उसके परिवार ने देखा कि दूल्हा अत्यधिक शराब के नशे में था और ठीक से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था।

सगाई के समय भी मिला था संकेत

दुल्हन ने बताया कि सगाई के दौरान भी दूल्हा नशे की हालत में पहुंचा था। उस समय परिवार और समाज की मर्यादा को देखते हुए उसने विरोध तो किया, लेकिन दूल्हे ने शराब छोड़ने का वादा किया था। दुल्हन को उम्मीद थी कि शादी तक स्थिति बदल जाएगी, लेकिन विवाह के दिन भी वही हाल देखकर उसने बड़ा कदम उठाने का फैसला कर लिया।

दुल्हन ने दिखाई हिम्मत

दुल्हन ने साफ शब्दों में कहा कि वह ऐसे व्यक्ति के साथ अपना भविष्य नहीं बना सकती जो शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी शराब का सहारा ले। उसका यह निर्णय परिवार और समाज के लिए आसान नहीं था, लेकिन उसने अपने आत्मसम्मान और भविष्य को प्राथमिकता दी।

दोनों पक्षों में बढ़ा विवाद

दुल्हन के फैसले के बाद शादी समारोह में तनाव का माहौल बन गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और कुछ लोगों के बीच हाथापाई की स्थिति भी पैदा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

3 लाख रुपए देकर लौटी बारात

लंबी बातचीत और समझाइश के बाद दोनों परिवारों के बीच सहमति बनी। दूल्हे पक्ष ने शादी की तैयारियों और खर्च के बदले दुल्हन पक्ष को लगभग 3 लाख रुपए देने पर सहमति जताई। इसके बाद मामला शांत हुआ और बारात वापस लौट गई।

पुलिस ने किया सम्मानित

इस घटना के बाद दुल्हन के फैसले की चर्चा गांव ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में होने लगी। नशे के खिलाफ साहसिक कदम उठाने और समाज को मजबूत संदेश देने के लिए पुलिस प्रशासन ने युवती को सम्मानित भी किया।

समाज के लिए बड़ा संदेश

इस घटना ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। क्या शादी जैसे पवित्र रिश्ते में जिम्मेदारी और सम्मान सबसे जरूरी नहीं है? क्या नशे की आदत को केवल सामाजिक दबाव के कारण नजरअंदाज किया जाना चाहिए?

दुल्हन के इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि जीवन के बड़े फैसलों में समझौते से ज्यादा महत्वपूर्ण आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य होता है।

इस घटना से मिलने वाली सीख:

  • शादी से पहले दोनों पक्षों को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
  • नशे जैसी आदतों को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
  • सामाजिक दबाव के कारण गलत रिश्ते को स्वीकार करना जरूरी नहीं है।
  • युवाओं को अपने भविष्य और सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए।

दुल्हन का यह साहसिक फैसला अब कई परिवारों के लिए एक प्रेरणा बन रहा है और समाज में नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश दे रहा है।