June 20, 2026

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इंदौर-उज्जैन के बीच सफर होगा सुपरफास्ट! ₹2935 करोड़ के ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की रखी गई आधारशिला

मध्य प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रवतीगंज में बहुप्रतीक्षित इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी। करीब ₹2935 करोड़ की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रदेश के दो प्रमुख शहरों के बीच आवागमन को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने रखी आधारशिला

आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों ने परियोजना को निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और परियोजना का लाभ जल्द से जल्द जनता तक पहुंचे।

क्या है इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर?

यह एक आधुनिक 4-लेन ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 48 किलोमीटर होगी।

परियोजना की प्रमुख बातें

  • कुल लंबाई: 48 किलोमीटर
  • सड़क की चौड़ाई: 4-लेन
  • अनुमानित लागत: ₹2935 करोड़
  • प्रारंभिक बिंदु: इंदौर का पितृ पर्वत क्षेत्र
  • अंतिम बिंदु: उज्जैन में चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बाईपास

यह नया मार्ग वर्तमान यातायात दबाव को कम करने के साथ-साथ यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी लाएगा।

इंदौर और उज्जैन के बीच सफर होगा आसान

इंदौर और उज्जैन मध्य प्रदेश के दो सबसे महत्वपूर्ण शहर हैं। एक ओर इंदौर राज्य की आर्थिक राजधानी है, वहीं उज्जैन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने के बाद:

  • यात्रा अधिक तेज और सुरक्षित होगी।
  • सड़क पर जाम की समस्या कम होगी।
  • ईंधन की बचत होगी।
  • व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
  • पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।

सिंहस्थ और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा लाभ

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां महाकाल मंदिर और सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन होते हैं। बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान लाखों श्रद्धालु शहर पहुंचते हैं, जिससे यातायात पर भारी दबाव पड़ता है।

नई सड़क बनने से:

  • श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी।
  • सिंहस्थ जैसे आयोजनों में ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा।
  • धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

संभावित फायदे

  • नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
  • औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
  • आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तेज होगा।
  • लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

मध्य प्रदेश के विकास की नई पहचान

राज्य सरकार का लक्ष्य बेहतर सड़क नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरों को आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ना है। इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

यह परियोजना पूरी होने के बाद न केवल इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन आसान होगा, बल्कि मध्य प्रदेश के आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास को भी नई ऊर्जा मिलेगी। आने वाले वर्षों में यह कॉरिडोर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण सड़क मार्गों में शामिल हो सकता है।