नई दिल्ली। भारत की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने तथा अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार जल्द ही ‘स्मार्ट बॉर्डर’ पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर सात से आठ स्थानों पर इस अत्याधुनिक परियोजना की शुरुआत की जाएगी।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी कीमत पर सीमा पार घुसपैठ के जरिए देश में जनसांख्यिकीय बदलाव नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता है और इसके लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
क्या है स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट?
स्मार्ट बॉर्डर एक ऐसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था है जिसमें तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
इस परियोजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- अवैध घुसपैठ पर रोक लगाना
- मानव तस्करी को नियंत्रित करना
- मादक पदार्थों की तस्करी रोकना
- नकली मुद्रा की तस्करी पर निगरानी
- ड्रोन गतिविधियों पर नियंत्रण
- सीमा क्षेत्रों की रियल टाइम निगरानी
सरकार का मानना है कि पारंपरिक बाड़बंदी के साथ आधुनिक तकनीक जोड़कर सीमा सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
चतुर्भुज सुरक्षा रणनीति का हिस्सा
अमित शाह ने बताया कि स्मार्ट बॉर्डर की अवधारणा देश की व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सीमा प्रबंधन को तकनीक आधारित बनाना है ताकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई कर सकें।
उन्होंने कहा कि योजना अंतिम चरण में है और प्रारंभिक चुनौतियों का समाधान होने के बाद इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा।
पुरानी बाड़ को बदला जाएगा
त्रिपुरा दौरे के दौरान गृह मंत्री ने बताया कि बांग्लादेश सीमा पर कई हिस्सों में लगी बाड़ 15 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी है।
सरकार ने:
- लगभग 119 किलोमीटर पुरानी बाड़ बदलने की मंजूरी दी है।
- सीमा सुरक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने की योजना तैयार की है।
- संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तंत्र मजबूत करने का फैसला किया है।
इससे सीमा सुरक्षा बलों को बेहतर निगरानी और प्रतिक्रिया क्षमता मिलेगी।
किन चुनौतियों से जूझ रहा है देश?
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं।
मुख्य चुनौतियां:
- अवैध घुसपैठ
- मादक पदार्थों की तस्करी
- मानव तस्करी
- नकली मुद्रा की सप्लाई
- ड्रोन के माध्यम से अवैध गतिविधियां
उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का सीधा प्रभाव देश की आंतरिक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
‘सुरक्षित भारत’ का व्यापक अर्थ
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल युद्ध या सैन्य खतरे तक सीमित नहीं है। देश को तस्करी, नशे के कारोबार, मानव तस्करी और आर्थिक अपराधों से सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यदि इन चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जाता है तो देश की युवा पीढ़ी, अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
सीमा सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट लागू होने के बाद सीमा सुरक्षा व्यवस्था अधिक तकनीक आधारित और प्रभावी हो जाएगी। इससे सुरक्षा एजेंसियों को वास्तविक समय में सूचना मिलेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
सरकार की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में स्मार्ट बॉर्डर परियोजना भारत की सीमा सुरक्षा को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

More Stories
सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ : अब एक कॉल पर सुनी जाएगी जनता की हर समस्या
पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना की लोक सुनवाई भारी उत्साह एवं अभूतपूर्व जनसमर्थन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न
महतारी वंदन योजना से बदली कबीला देवांगन की जिंदगी, हर महीने मिल रही आर्थिक मजबूती और आत्मविश्वास