रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में “ऑपरेशन अंकुश” के तहत पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। आईपीएल फाइनल मुकाबले के दौरान संचालित किए जा रहे इस अवैध नेटवर्क पर छापेमारी कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नकद, मोबाइल फोन और नोट गिनने की मशीन बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ अब तक की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस को सूचना मिली थी कि खरसिया के गंज बाजार क्षेत्र में कुछ लोग आईपीएल फाइनल मैच की हार-जीत पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में साइबर थाना और खरसिया चौकी की संयुक्त टीम ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने छापेमारी के दौरान गंज बाजार क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी:
- गगन अग्रवाल (28 वर्ष)
- शुभम अग्रवाल उर्फ कालू (30 वर्ष)
पूछताछ में दोनों ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि कई स्थानीय लोग नकद राशि लगाकर सट्टेबाजी में शामिल थे।
सामने आया पूरा सट्टा नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने अपने साथियों रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के साथ मिलकर पूरे सट्टा सिंडिकेट का संचालन किया।
आरोपियों के अनुसार साहिल अग्रवाल सट्टे से प्राप्त रकम को अपने व्यापार में निवेश कर कमीशन के रूप में मुनाफा कमाता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक वनप्लस नॉर्ड और एक सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल जब्त किया है। इन मोबाइलों में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य और आईडी मिली हैं।
31.99 लाख रुपये नकद बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम गोपाल राइस मिल कॉलोनी स्थित एक मकान पहुंची। पुलिस को देखकर मुख्य आरोपी साहिल अग्रवाल मौके से फरार हो गया और दो बैग तथा नोट गिनने की मशीन वहीं छोड़ गया।
पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों और परिजनों की मौजूदगी में बैगों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान विभिन्न मूल्यवर्ग के नोटों में कुल 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नकद बरामद हुए।
इतनी बड़ी राशि के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने पूरी रकम जब्त कर ली।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन के लिए संगठित गिरोह बनाए जाने के प्रमाण मिलने पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपियों पर—
- छत्तीसगढ़ राज्य जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2)
- धारा 3(5)
के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी गगन अग्रवाल का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इसी वर्ष मार्च महीने में भी उसके खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी कार्रवाई की जा चुकी है।
एसएसपी का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध सट्टे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
- आईपीएल फाइनल पर चल रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा रैकेट का खुलासा।
- रायगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार।
- 31.99 लाख रुपये नकद जब्त।
- मोबाइल फोन और नोट गिनने की मशीन बरामद।
- तीन अन्य आरोपी फरार, तलाश जारी।
- ऑपरेशन अंकुश के तहत लगातार कार्रवाई जारी।
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ प्रशासन अब पूरी सख्ती के साथ मैदान में है और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर लगातार शिकंजा कस रहा है।

More Stories
रायपुर में खनिज माफियाओं पर बड़ा प्रहार! रातभर चली कार्रवाई में 8 हाइवा जब्त, मचा हड़कंप
अब नहीं बचेगी टैक्स चोरी! MP सरकार का बड़ा एक्शन, फर्जी बिलिंग और अवैध कारोबार पर रहेगी डिजिटल नजर
9 साल बाद जेल से रिहाई! हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद उम्रकैद की सजा रद्द, आरोपी बरी