भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान ऐलान किया कि अब स्कूलों के सिलेबस में सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी शामिल की जाएगी। इसके अलावा, भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के जीवन पर भी एक रोचक पुस्तक तैयार की जाएगी।
शिक्षा घर योजना और व्यावसायिक प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा घर योजना के प्रस्ताव को लागू किया जाए। इस योजना का उद्देश्य है कि स्कूल सिर्फ शिक्षा देने वाले संस्थान न रहें, बल्कि ऐसे छात्र तैयार करें जो समाज और संस्था के विकास में योगदान दे सकें।
स्कूलों में बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सभी व्यवस्थाओं को 16 जून से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से पहले पूरा करने का निर्देश दिया गया।
शत-प्रतिशत रिजल्ट वाले स्कूलों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों ने शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त किया है, उनका सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा।
प्रदेश में 26 ऐसे स्कूल हैं, जिनमें सभी छात्र उत्तीर्ण हुए।
इसके अलावा, 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट देने वाले स्कूलों को भी सम्मानित किया जाएगा।
घोषणाओं को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए ताकि पिछले एक वर्ष से लंबित कोई भी घोषणा न रह जाए।
सम्राट विक्रमादित्य और गुरु सांदीपनि की शिक्षा
स्कूल सिलेबस में सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी जोड़ने का उद्देश्य छात्रों में इतिहास और नेतृत्व कौशल को बढ़ावा देना है।
सम्राट विक्रमादित्य के न्यायप्रिय और साहसी नेतृत्व की कहानियाँ बच्चों को सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी सिखाएँगी।
गुरु सांदीपनि की शिक्षाएँ भी शामिल की जाएंगी, ताकि बच्चों में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्य विकसित हो सकें।
शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सभी घोषणाओं का पालन समय पर किया जाएगा।
डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाओं के माध्यम से सभी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाया जाएगा।

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