चावल खाना पसंद हैं लेकिन कंफ्यूज रहते हैं कि किस मेथड से पके चावलों को खाना हेल्दी है। तो यहां पढ़ लें पूरी डिटेल, जिससे आप आसानी से समझ जाएंगे कि प्रेशर कुकर में पके चावल या फिर खुले बर्तन में उबले चावल में कौन सा हेल्थ के लिए सही रहता है।
चावल खाने को लेकर न्यूट्रिशनिस्ट अक्सर अलग-अलग सलाह देते हैं। कुछ का मानना है कि इसे पूरी तरह से अवॉएड करना चाहिए। वहीं कुछ न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि व्हाइट राइस को अगर सही तरीके से कुक करके खाया जाए तो ये हेल्थ के लिए उतना ज्यादा हार्मफुल नहीं है। क्योंकि ये कार्ब्स का रिच सोर्स है इसलिए एनर्जी लॉस, वेट गेन और ब्लड शुगर स्पाइक तेजी से करता है। ऐसे में चावल का कुकिंग प्रोसेस काफी मैटर करता है। अगर चावलों को सही तरीके से पकाकर खाया जाए तो ये तेजी से ब्लड शुगर स्पाइक नहीं करेगा। सबसे पहले जानें राइस को पकाने के दो तरीके और किस प्रोसेस से चावल को कुक करना हेल्थ के लिए अच्छा है।
चावल को पकाने के हैं दो तरीके
व्हाइट राइस को पकाने के आमतौर पर दो तरीके यूज होते हैं। पहला है उबालना और दूसरा है प्रेशर कुकर में कुक करना। चावलों को उबालने के लिए अधिकतर भगोने का यूज किया जाता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि चावलों को ब्वॉयल करके खाना अच्छा है या फिर प्रेशर कुकर में कुक करके खाना।
चावलों को उबालकर खाने पर हेल्थ पर क्या असर होता है?
चावल को जब हम किसी खुले बर्तन में पकाते हैं तो पकाने के बाद बचे पानी को फेंक देते हैं या फिर उस पानी को चावलों से निकालकर अलग कर देते हैं। ये पानी स्टार्च होता है। इस तरह से पानी अलग करके खाए गए चावलों को खाने का बॉडी पर ये असर होता है-
चावल के स्टार्च में सबसे ज्यादा कार्ब्स की मात्रा होती है। जो बाहर हो जाती है। जिससे ये लेस कार्ब्स वाले राइस हो जाते हैं।
इस तरह के राइस को खाने से पेट में हल्के फील होते हैं।
खाने के बाद फील होने वाले एनर्जी लॉस में कमी आती है।
एनर्जी लेवल ज्यादा स्थिर रहता है।
अगर आप फैट लॉस कर रही हैं और चावल खाना चाहती हैं तो इस तरह के स्टार्च निकले चावल कम हार्मफुल होते हैं।
जिसकी वजह से पीसीओएस, इंसुलिन और स्लो डाइजेशन प्रॉब्लम में आसानी से खाए जा सकते हैं।
प्रेशर कुकर में पके चावल खाने का असर
प्रेशर कुकर में पके चावल में एक्स्ट्रा पानी नहीं निकाला जाता। ये पकते समय पूरी तरह से चावल अब्जॉर्ब कर लेता है। जिसकी वजह से इन चावलों में स्टार्च यानी कार्ब्स ज्यादा होता है।
जिसकी वजह से ये चावल ब्लड शुगर ज्यादा तेजी से स्पाइक करते हैं।
पेट जल्दी भरता है लेकिन कुछ समय बाद आप पेट खाली महसूस करने लगते हैं। क्योंकि ब्लड शुगर तेजी से डाउन होगा तो आपको भूख लगेगी।
इस तरह के चावल स्लो मेटाबॉलिज्म वालों के लिए सही नहीं हैं। से खाने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है।
तो अगर आप व्हाइट राइस खाने के शौकीन हैं तो खुले बर्तन में पके और स्टार्च निकले चावलों को मॉडरेट क्वांटिटी में खा सकते हैं। इनका सेहत पर हार्मफुल इफेक्ट कम होता है।

More Stories
Een diepgaande blik op de ervaring bij Lalabet
An In-depth Look at the Thrills of Slotsvader
Tot ce trebuie sa stii despre Vlad Casino