मुरैना। मध्य प्रदेश: शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुरैना और आसपास के जिलों में कांग्रेस ने किसानों के मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। NH-44 पर चक्काजाम के कारण ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया। यह आंदोलन खासतौर से किसानों के समर्थन मूल्य, गेहूं खरीदी और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए मुआवजा मांगने के लिए किया गया।
प्रदर्शन का प्रारंभ और विस्तार
सुबह 11 बजे मुरैना जिले के बानमोर थाना क्षेत्र स्थित निरावली तिराहा पर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता इकट्ठा हुए।
शुरू में प्रदर्शन सांकेतिक था, लेकिन थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाईवे की दोनों लेनों पर बैठ गए।
इससे मुरैना, भिंड और ग्वालियर की ओर जाने वाला ट्रैफिक ठप हो गया।
कांग्रेस नेताओं की प्रमुख मांगें
गेहूं की खरीद में किसानों को हो रही परेशानियों का समाधान।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित जमीनों का चार गुना मुआवजा।
किसानों के समर्थन मूल्य में पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना।
गिरफ्तारियां और जाम खुलवाना
लगभग ढाई घंटे चले इस आंदोलन में करीब 200 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।
एक बजे के बाद हाईवे पर जाम खुल गया, लेकिन प्रदर्शन ने लोगों की आवाज़ तक़रीबन पूरे दिन तक सुनी जाने वाली बनाई।
शिवपुरी में भी हुआ चक्काजाम
शिवपुरी जिले में एबी रोड के पड़ौरा पटेल चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम किया।
जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल, लाखन सिंह यादव और फूलसिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी के समर्थन में नारेबाजी भी हुई।
पुलिस प्रशासन की तैयारी
मुरैना पुलिस ने हाईवे जाम को रोकने के लिए अलर्ट मोड में रहकर 250 से अधिक पुलिसकर्मी और रिजर्व फोर्स तैनात की।
एसपी धर्मराज मीणा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सड़क जाम नहीं होने दिया जाएगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
महत्वपूर्ण निष्कर्ष
कांग्रेस का यह प्रदर्शन किसानों के मुद्दों को मीडिया और जनता के सामने लाने का एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
ट्रैफिक बाधित होने के बावजूद यह आंदोलन सोशल मीडिया और लोकल मीडिया में खूब चर्चा में रहा।
भविष्य में भी ऐसे प्रदर्शन किसानों की आवाज़ को ऊँचाई तक पहुंचाने के लिए जारी रह सकते हैं।

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