उमरिया। एक ओर मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है, तो दूसरी ओर प्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है. रोजाना कहीं न कहीं बाघ की मौत की खबर सामने आती रहती है. ताजा मामला उमरिया जिले से सामने आया है, जहां घुनघुटी वन परिक्षेत्र के काचोदर बीट के बसाढ़ नदी के किनारे बाघ का शव मिला है. घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घुनघुटी वन परिक्षेत्र में आए दिन वन्यजीवों की मौत चिंताजनक बनी हुई है. सामान्य वन मंडल में बाघ की मौत पर सवाल खड़े हो रहे है. लापरवाह अधिकारियों पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होती है, केवल जांच जारी रहती है. 26 दिसबंर को ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली रेंज में लगभग 12 माह के बाघ के शावक का शव मिला था.
बता दें कि दिसंबर में ही NTCA की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि प्रदेश में एक साल में 32 टाइगर की मौत हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में पूरे देश में 99 टाइगर की मौत हुई है. पहली मौत मादा टाइगर की 8 जनवरी 2022 को बांधवगढ़ में दर्ज हुई थी. सबसे अधिक जान भी बांधवगढ़ में हुई है. NTCA के अनुसार पिछले 10 साल में जुलाई 2022 तक 270 टाइगर की मौत मध्यप्रदेश में हुई. 10 साल में 66 सबसे अधिक टाइगर की मौत बांधवगढ़ में दर्ज की गई है. प्रदेश में लगातार हो रही बाघों की मौत से एमपी का टाइगर स्टेट का दर्जा खतरे में पड़ गया है.
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में बीते दिनों एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था. उत्तर वन मंडल के देवेंद्र नगर रेंज के विक्रमपुर गांव के पास एक बाघ का शव पेड़ से लटका मिला था. बाघ के गले में तार का फंदा लगा और वह पेड़ से फंसा हुआ था. ऐसा प्रतीत हो रहा कि जैसे बाघ ने आत्महत्या की हो. हालांकि शिकार की आशंका जताई गई थी.

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