April 15, 2026

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कांदागांव में दोस्त की हत्या की दिल दहला देने वाली कहानी, सोने की अंगूठी और नकदी के लालच में बदला था दोस्त हत्यारा!

कोंडागांव, छत्तीसगढ़: एक दिल दहला देने वाली हत्या की घटना सामने आई है, जिसमें एक दोस्त ने अपने ही परिचित टेंट व्यवसायी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश नहीं थी, बल्कि यह हत्या सोने की अंगूठी और नकदी के लालच में की गई थी। इस घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी है।

🕵️‍♂️ हत्या की चौंकाने वाली वजह: सोने की अंगूठी और नकदी

12 अप्रैल को सुरेश चौहान (53), जो कि शिरोमणि डेकोरेटर टेंट के मालिक थे, अचानक लापता हो गए थे। उनके परिवार वालों ने उन्हें ढूंढने की बहुत कोशिश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। इसी बीच, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच तेज़ की और धीरे-धीरे मामले के पीछे के राज का पर्दाफाश हुआ।

पुलिस पूछताछ में आरोपी सुरेश देवांगन ने यह स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्त सुरेश चौहान को घर बुलाकर लोहे के खलबट्टे से सिर पर वार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह शव को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास मिट्टी में दफन कर आया था।

📸 सीसीटीवी और अन्य सबूतों ने खोला राज

पुलिस ने इस हत्या की जांच में सीसीटीवी फुटेज और खून से सनी स्कूटी का इस्तेमाल किया, जिससे मामले की गुत्थी सुलझी। पुलिस को पता चला कि आरोपी सुरेश देवांगन और सुरेश चौहान का आपस में गहरा रिश्ता था। देवांगन को यह उम्मीद थी कि चौहान के पास सोने की अंगूठी और नकदी होगी, जो उसने हत्यारे के रूप में अपने लालच को पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से हत्या की योजना बनाई थी।

💀 शव की बरामदगी ने खोला हत्या का राज

हत्या के 48 घंटे बाद, पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पीछे से अर्धनग्न शव को बरामद किया। शव की हालत देख पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपित सुरेश देवांगन से पूछताछ की। पुलिस को यह जानकर शॉक लगा कि यह हत्या केवल पैसों और आभूषणों के लालच में की गई थी, और दोस्त की मौत ने पूरी इलाके को हिलाकर रख दिया।

⚖️ सख्त कार्रवाई और पुलिस की भूमिका

पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और मामले की गहराई से जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे आरोपी ने अपने फायदे के लिए अंजाम दिया। इस कांड ने यह सिद्ध कर दिया कि लालच और स्वार्थ के कारण लोग अपनी संवेदनाएं खो बैठते हैं और अपनों को भी नहीं बख्शते।