April 26, 2026

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महासमुंद में बारदाना प्रभारी की डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी में गिरफ्तारी – पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

महासमुंद। महासमुंद में पुलिस ने एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक बारदाना प्रभारी ने शासन को डेढ़ करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बारदाना प्रभारी कार्तिकेश्वर यादव, तेजराम पटेल और कम्प्यूटर ऑपरेटर राजेन्द्र पटेल शामिल हैं।
धोखाधड़ी का मामला

मामला अमरकोट धान उपार्जन केन्द्र का है, जहां 2024-25 के धान खरीदी सीजन के दौरान 14221 बोरी धान की संख्या का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में पाया गया कि 11416 बोरी धान कम थीं। इस कमी के आधार पर 4566.40 च्टिल धान कम था, जिसकी कुल कीमत 1 करोड़ 65 लाख 80 हजार 908 रुपए थी।

पुलिस ने बताया कि इस धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार तीन आरोपियों ने मिलकर यह गबन किया था। आरोपी कार्तिकेश्वर यादव, जो कि अमरकोट धान उपार्जन केन्द्र के प्रभारी थे, और तेजराम पटेल, जो कि बारदाना प्रभारी थे, दोनों ने मिलकर यह धोखाधड़ी की। कम्प्यूटर ऑपरेटर राजेन्द्र पटेल ने भी इसमें सहयोग किया।
आरोपी की गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस ने पहले ही राजेन्द्र पटेल को 2 फरवरी को आत्मसमर्पण करने पर गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाकी दो आरोपी, कार्तिकेश्वर यादव और तेजराम पटेल, फरार थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगातार दबिश दी थी। पुलिस ने तकनीकी जांच के माध्यम से इन आरोपियों की जानकारी प्राप्त की और 3 अप्रैल को दोनों को गिरफ्तार किया। अब, उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामले का खुलासा

यह धोखाधड़ी की घटना पुलिस के लिए एक बड़ा मामला बन गई है, क्योंकि यह न केवल एक संगठित गबन का हिस्सा था, बल्कि शासन को भी भारी वित्तीय नुकसान हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी अब जांच के दायरे में हैं और आगे की कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस का संदेश

महासमुंद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इस धोखाधड़ी में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह की धोखाधड़ी और गबन के मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं और धोखाधड़ी की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके।